खरमास समाप्त होते हैं कारोबारियों के खिले चेहरे

खरमास समाप्त होते ही शादी विवाह के लग्न की शुरुआत हो गई है. राजगीर और अनुमंडल क्षेत्र में शादी विवाह का माहौल पूरे प्रवाण पर है.

राजगीर. खरमास समाप्त होते ही शादी विवाह के लग्न की शुरुआत हो गई है. राजगीर और अनुमंडल क्षेत्र में शादी विवाह का माहौल पूरे प्रवाण पर है. हर गली मोहल्ले में बैंड बाजा, बारात की गूंज सुनाई देने लगी है. लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर साज सज्जा खान पान और शादी समारोह से जुड़ा कारोबार पूरे जोश में लौट आया है. इससे जुड़े व्यवसायों के चेहरे खिल उठे हैं. सूत्रों के अनुसार इस बार लग्न की तिथियां भले ही सीमित हैं. लेकिन शादी की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है. हर लग्न में राजगीर शहर में कहीं न कहीं बारात निकल रही है, तो कहीं तिलक, विवाह और रिंग शिरोमणि का आयोजन हो रहा है. इन शादियों का सीधा फायदा बाजार को मिल रहा है. 8 जून तक शादी विवाह का शुभ लग्न है. इस डेढ़ महीने में सैकड़ो शादियां यहां होनी है. शहर के सभी होटल शादी विवाह के लिए बुक कर लिए गए हैं. इतना ही नहीं भोजन बनाने वाले, बैंड पार्टी और रथ की भी बुकिंग बड़े पैमाने पर किये गये हैं.

— पर्यटक शहर राजगीर में 8 जून तक सभी होटल फूल

पर्यटक शहर राजगीर में 100 से अधिक होटल और लॉज है. 8 जून तक सभी के सभी फुल बताये जा रहे हैं. अब लगातार शादियां होने वाली है. उसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है. इन आयोजनों के लिए पहले से बुकिंग करना भी चुनौती से काम नहीं रह गया है.

साज- सज्जा और खानपान में कोई कमी नहीं

शादी हो या रिंग शिरोमणि समारोह भव्यता में कोई कमी न रह जाय. इसके लिए लोग पहले से ही जागरूक हैं. भले ही मेहमान सीमित हो लेकिन डेकोरेशन, सजावट, व्यंजन और मनोरंजन की तैयारी बड़े पैमाने पर की जा रही है. एक दिन पूर्व गीत संगीत के आयोजन, बारात स्वागत, दूल्हा दुल्हन की एंट्री और व्यंजन की विविधता हर चीज में परंपरा के साथ आधुनिकता की झलक मिल रही है. राजगीर में तो जितने भी शादी समारोह होते हैं. उनमें दूल्हा को रथ से विवाह स्थल पर ले जाया जाता है.शहर घुमाने और देवस्थान तक दुल्हा को रथ से ही भ्रमण कराया जाता है. इसलिए रथों की डिमांड और बुकिंग भी बड़े पैमाने पर की गई है. शहर में डबल और सफेद घोड़ा के रथ की डिमांड अधिक है.

— कहते हैं पुरोहित

ज्योतिषाचार्य पंडित मिथिलेश पांडेय ने बताया कि अप्रैल मई और जून माह में शादी विवाह की शुभ मुहूर्त 25 दोनों का है. सबसे ज्यादा मुहूर्त मई महीने में है, जबकि जून माह में सिर्फ पांच मुहूर्त ही शुभ है. मई महीने में 11 दिन शुभ लग्�� है. इस प्रकार सबसे ज्यादा शादियां में मई महीने में होगी. उन्होंने बताया कि 8 जून के बाद सीधे 15 नवंबर तक शादी विवाह का शुभ लग्न नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Santosh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >