बिहारशरीफ : नगर निगम बोर्ड की बैठक में मेयर और पार्षदों के बीच तीखी बहस, 51 वार्डों में बराबर फंड बांटने की उठी मांग

बिहारशरीफ नगर निगम की बोर्ड बैठक में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ. मेयर और मेयर विरोधी गुट के पार्षदों के बीच विकास योजना की राशि सभी 51 वार्डों में समान रूप से आवंटित करने की मांग को लेकर तीखी बहस हुई. इस दौरान पुलिस को भी बुलाया गया.

बिहारशरीफ नगर निगम बोर्ड की बैठक गुरुवार को स्मार्ट सिटी के सभागार में हंगामे की भेंट चढ़ गई. बैठक में मेयर अनिता कुमारी और मेयर विरोधी गुट के वार्ड पार्षदों के बीच विकास योजना की राशि सभी वार्डों में बराबर-बराबर के हिसाब से आबंटित करने की मांग को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई.

इस दौरान सभागार में जमकर नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. हंगामा बढ़ते देख पुलिस को बुलाकर पार्षद धनंजय कुमार उर्फ पप्पू यादव को सभागार से बाहर निकालने का प्रयास किया गया.

इस दौरान बैठक की कार्रवाई कुछ देर के लिए प्रभावित हो गई. बैठक में मेयर अनिता कुमारी, डिप्टी मेयर सहित वार्डों के पार्षद और उनके प्रतिनिधि मौजूद थे. निगम के नए नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन ने पदभार संभालने के बाद पहली बार बोर्ड बैठक में हिस्सा लिया. उनके सामने ही हंगामा होने से कई पार्षदों एवं पदाधिकारियों ने नाराजगी भी जताई.

51 वार्डों में बराबर राशि की मांग पर भिड़े गुट

बैठक की शुरुआत होते ही अधिकांश वार्ड पार्षदों ने शहर के विकास योजना की राशि को सभी 51 वार्डों में बराबर-बराबर देने की मांग उठाई.

उनका कहना था कि विकास में भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर वार्ड को समान फंड मिले. हालांकि कुछ पार्षदों के दूसरे गुट ने इसका विरोध किया. इसी बात पर मेयर समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच देर तक तकरार चलती रही, जिसके कारण बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया.

मेयर-डिप्टी मेयर पर लगे मनमानी के आरोप

हंगामे के दौरान कई पार्षदों ने मेयर और डिप्टी मेयर पर विकास योजना देने के नाम पर मनमानी करने का आरोप लगाया. कुछ पार्षदों का कहना था कि विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और चुनिंदा वार्डों को ही प्राथमिकता दी जा रही है.

इस बीच कुछ वरिष्ठ पार्षदों ने कहा कि यह बोर्ड की बैठक निगम के नए नगर आयुक्त की उपस्थिति में हो रही है, ऐसे में हंगामा होना ठीक नहीं है. इससे निगम की छवि खराब हो रही है.

प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

बैठक में उप नगर आयुक्त शम्स रजा, सिटी मैनेजर साकेश कुमार सिन्हा, त्रिपुरारी शरण, टैक्स इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिन्हा, अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी सहित निगम के कई पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.

अधिकारियों ने बीच-बचाव कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया. बैठक हंगामे के बीच ही संपन्न हुई, लेकिन विकास राशि के बंटवारे को लेकर पार्षदों के बीच मतभेद बरकरार रहा. अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है.

Also Read : नालंदा : सावन में भगवान शिव पर चढ़े बेलपत्र और फूलों से बनेगी जैविक खाद, राजगीर में शुरू हुआ अभियान


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ranjit Singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >