हरनौत में ‘आत्मा’ के तहत खेत बचाओ अभियान, कृषि वैज्ञानिकों ने साझा किए आधुनिक तकनीक के टिप्स

Bihar Sharif News : हरनौत में ‘खेत बचाओ अभियान’, किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी. वैज्ञानिक ने क्यों तार-पुआल नहीं जलाने की अपील की? नीचे पढ़िए पूरी खबर.

नालंदा (बिहारशरीफ) से सुनील कुमार की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : नालंदा के हरनौत प्रखंड में मंगलवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026 के अंतर्गत हुआ. उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुबीली देवी, आत्मा अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद, बीएओ ब्रजकिशोर चरण, केवीके के वैज्ञानिक डॉ उदय प्रकाश नारायण, तेलमर मुखिया हरिनारायण सिंह, 20 सुत्री के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार व पससं राणा शैलेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया. लोगों ने किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया.

रजिस्ट्री से लेकर उर्वरक प्रबंधन तक दी गई विस्तृत जानकारी

साथ हीं किसान रजिस्ट्री, प्रकृतिक खेती, मिट्टी जांच, उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, साहिवाल सहित अन्य देशी गाय को पालने, जुलाई के प्रथम सप्ताह के पहले धान बिचड़ा गिराने व कृषि योजनाओं विस्तृत जानकारी दी गई. आत्मा अध्यक्ष श्री चंद्रदेव ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा खरिफ महाअभियान के तहत देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने किसानों को खेत बचाओ अभियान के तहत मिट्टी जांच, हरी खाद के प्रयोग, फसल चक्र अपनाने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वैज्ञानिक फसल पद्धति पर जोर दिया.

किसानों को धान बिचड़ा, अनुदानित बीज और डिजिटल कृषि ऐप की जानकारी

कहा कि इन उपायों को अपनाकर किसान अपनी भूमि की उर्वरता बनाए रखते हुए उत्पादन बढ़ा सकते हैं. वहीं केवीके के वैज्ञानिक डॉ उदय ने जुलाई के प्रथम सप्ताह तक धान के बिचड़ा गिराने को कहा. उन्होंने खाद के प्रयोग पर भी प्रकाश डाला. वहीं कार्यक्रम कि अध्यक्षता बीएओ श्री चरण ने कहा कि खरीफ मौसम में किसानों के लिए उपलब्ध कराए गए अनुदानित बीजों की जानकारी दी. उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए समय पर बीज प्राप्त कर खेती की तैयारी करने को कहा. उन्होंने किसानों को कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया. बताया कि किसान बिहार कृषि ऐप के माध्यम से विभागीय योजनाओं, कृषि संस्थानों और विभिन्न तकनीकी जानकारियों तक आसानी से पहुंच सकते हैं.

अधिकारियों ने किसानों को पर्यावरण संरक्षण व खेती सुधार की दी सलाह

इस दौरान अन्य मौजूद लोगों ने भी किसानों को जागरूक किया. उन्होंने कहा प्रखंड में 280 प्लॉट का मिट्टी जांच का लक्ष्य मिला है. लेकिन आप कम लागत में अपने खेत कि मिट्टी की जांच केवीके संस्थान से भी करा सकते हैं. उन्होंने कहा यहां रवि, खरिफ और गरमा की खेती करते हैं. उन्होंने कहा 15-16 प्रकार के पोषक तत्व होते हैं. उन्होंने कहा कि प्रखंड में 12 हजार 193 हेक्टेयर में धान बोने का लक्ष्य है. इस दौरान खेत की मिट्टी करें पुकार मत जलाओ तार-पुआल, कभी नहीं जलाना मिट्टी आदि नारे से किसानों को जागरूक किया गया. कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन प्रखंड कृषि समन्वयक मंगलम आर्य ने किया. मौके पर बीटीएम प्रवीण पाण्डेय, एटीएम अभय, प्रखंड कृषि समन्वयक रवि व आरती, क़ृषि सखी पिंकी, किसान सलाहकार सुजीत, अशोक सहित अन्य मौजूद थे.

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