सगाई की तस्वीरें, दुल्हन के पुराने सोशल मीडिया वीडियो का इस्तेमाल कर शादी तोड़ने की कोशिश; नालंदा में सामने आए कई मामले

Bihar Sharif News : बिहारशरीफ में शादी और सगाई की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले परिवार साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं. फर्जी फेसबुक अकाउंट के जरिए रिश्ते तुड़वाने, ब्लैकमेलिंग और बदनाम करने के मामले सामने आने के बाद साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

बिहारशरीफ से कंचन कुमार की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : शादी-विवाह का मौसम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों ने भी अपने अपराध का तरीका बदल लिया है. अब अपराधी बैंक खाते या ओटीपी की ठगी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर शादी और सगाई की तस्वीरें एवं वीडियो पोस्ट करने वाले परिवारों को निशाना बना रहे हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई निजी जानकारी का इस्तेमाल कर अपराधी रिश्ते तुड़वाने, ब्लैकमेल करने और मानसिक प्रताड़ना देने जैसे अपराध कर रहे हैं.

फर्जी अकाउंट से बदनाम करने की कोशिश

नालंदा जिले में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सोशल मीडिया के जरिए होने वाले दूल्हा-दुल्हन या उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की गई. साइबर थाना पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना अब बेहद जरूरी हो गया है.

रिंग सेरेमनी के एक महीने बाद शुरू हुई साजिश

ताजा मामला बिहारशरीफ के सोहसराय थाना क्षेत्र के मोगलकुआं निवासी अनिल कुमार का है. उन्होंने साइबर थाना में आवेदन देकर बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी औरंगाबाद में तय हुई है. चार मई 2026 को रिंग सेरेमनी संपन्न हुई थी. इसके बाद पांच जून 2026 से अलग-अलग फर्जी फेसबुक अकाउंट के माध्यम से उनकी बेटी के होने वाले ससुराल पक्ष को लगातार आपत्तिजनक और भ्रामक संदेश भेजे जाने लगे. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि असामाजिक तत्व जानबूझकर उनकी बेटी के चरित्र और परिवार के बारे में गलत बातें फैला रहे हैं, ताकि शादी टूट जाए. इस घटना के बाद पूरा परिवार मानसिक तनाव में है, जबकि होने वाली दुल्हन सबसे अधिक परेशान है. पीड़ित परिवार ने साइबर थाना से आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है. पिछले वर्ष कतरीसराय की एक युवती ने भी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. युवती ने बताया था कि उसका एक फेसबुक फ्रेंड उसकी शादी की जानकारी लेने के बाद उसके होने वाले पति को उसके बारे में झूठी और भ्रामक बातें बताने लगा. जब युवती ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने 40 हजार रुपये की मांग कर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला शांत हुआ.

फर्जी वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

इसी तरह इस्लामपुर की एक युवती, जो सोशल मीडिया पर नियमित रूप से वीडियो साझा करती थी, उसने अपनी होने वाली शादी से संबंधित फोटो और वीडियो भी पोस्ट किए थे. इसके बाद उसके एक सोशल मीडिया परिचित ने उसका फर्जी वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया और विरोध करने पर धमकी देने लगा. परेशान होकर युवती ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस जांच में आरोपी युवती का दूर का देवर निकला.

सोशल मीडिया से जुटाई जा रही निजी जानकारी

साइबर विशेषज्ञ निखिल आनंद का कहना है कि अपराधी सबसे पहले सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर रखते हैं. शादी, सगाई, परिवार, रिश्तेदार, मोबाइल नंबर, लोकेशन और अन्य निजी जानकारियां एकत्र कर वे उसी के आधार पर लोगों को निशाना बनाते हैं. कई मामलों में फर्जी प्रोफाइल बनाकर परिवार के सदस्यों या रिश्तेदारों से संपर्क किया जाता है और उनके मन में संदेह पैदा करने की कोशिश की जाती है. कई बार अपराधी शादी तुड़वाने, बदनाम करने या फिर ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने की नीयत से इस तरह की गतिविधियां करते हैं. ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत करने से भी बचता है, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं.

प्रतिदिन दर्ज हो रहे साइबर अपराध के मामले

साइबर थाना के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में प्रतिदिन तीन से पांच साइबर अपराध से संबंधित मामले दर्ज हो रहे हैं. इनमें आठ से दस प्रतिशत मामलों में सोशल मीडिया फ्रेंड या ऑनलाइन परिचित ही आरोपी निकलते हैं. उन्होंने कहा कि लोग अनजाने व्यक्तियों को सोशल मीडिया पर मित्र बनाने और अपनी निजी जानकारी साझा करने में लापरवाही बरतते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि शादी, सगाई, परिवार, बच्चों और निजी कार्यक्रमों की जानकारी सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें. यदि किसी फर्जी अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट, संदेश या ब्लैकमेलिंग की कोशिश की जाती है तो उसका जवाब देने के बजाय तुरंत साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं.

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर जितनी अधिक निजी जानकारी साझा की जाएगी, अपराधियों के लिए लोगों की प्रोफाइल तैयार करना उतना ही आसान होगा. इसलिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, निजी फोटो और वीडियो सीमित लोगों तक ही साझा करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना साइबर पुलिस को दें. थोड़ी सी सावधानी शादी की खुशियों को साइबर अपराधियों की साजिश से बचा सकती है.

Also Read : राजगीर, बिहारशरीफ और नालंदा के यात्रियों के लिए खुशखबरी, श्रावणी मेले में चलेगी स्पेशल ट्रेन, सांसद कौशलेंद्र कुमार की मांग रंग लाई

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Yuvraj Ratan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >