बिहारशरीफ से कंचन की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 (2025-30) के चौथे निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” के तहत नालंदा जिले के कॉलेजविहीन प्रखंडों में स्थापित किए जाने वाले नौ नए डिग्री महाविद्यालयों के संचालन की दिशा में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. बुधवार को समाहरणालय में जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में चिन्हित शिक्षण संस्थानों के जीर्णोद्धार, आवश्यक निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं चिन्हित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि महाविद्यालयों के संचालन की सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं.
समय पर नामांकन शुरू कराने के लिए प्रशासन ने तेज की तैयारियां
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके अपने प्रखंड में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है. इसलिए भवन, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पेयजल, शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए. उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में अस्थायी रूप से डिग्री महाविद्यालयों का संचालन किया जाना है, वहां उपलब्ध भवनों, वर्गकक्षों एवं अन्य संसाधनों का आकलन कर आवश्यक निर्माण, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए. सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर तैयारी पूरी करें, ताकि समय पर महाविद्यालयों में नामांकन एवं शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराई जा सकें.
इन नौ प्रखंडों में संचालित होंगे नए डिग्री महाविद्यालय
बैठक में बताया गया कि जिले के नौ कॉलेजविहीन प्रखंडों में निम्नलिखित शिक्षण संस्थानों को डिग्री महाविद्यालय संचालन के लिए चिन्हित किया गया है-
रहुई – श्री बालेश्वर प्रसाद +2 उच्च विद्यालय, पतासंग.
नूरसराय – उच्च विद्यालय, नूरसराय.
बिंद – मध्य विद्यालय, उत्तरथू.
नगरनौसा – मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय, लोदीपुर, उस्मानपुर.
कतरीसराय – टेकनारायण +2 उच्च विद्यालय, वादी, कतरीसराय.
थरथरी – मध्य विद्यालय, भतहर.
करायपरशुराय – मध्य विद्यालय, मखदुमपुर.
परवलपुर – मध्य विद्यालय, नेहुआपर.
सरमेरा – उच्च विद्यालय, गोपालबाद, प्राणवा (पीएम श्री विद्यालय)
छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ एवं सुसज्जित शौचालय, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, परिसर की साफ-सफाई, भवनों का रंग-रोगन तथा सुरक्षित एवं आकर्षक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महाविद्यालयों के नियमित संचालन के लिए आवश्यक फर्नीचर, डेस्क-बेंच, स्टेशनरी सामग्री, कार्यालयी संसाधन तथा अन्य शैक्षणिक उपकरणों की उपलब्धता भी शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि कक्षाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो. बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, सभी चिन्हित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे. समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध तरीके से निर्माण एवं विकास कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
