Dr Dheeraj Kumar PMCH HOD : नालंदा जिले के बिंद गांव के साधारण परिवार में जन्मे डॉ. धीरज कुमार को पटना पीएमसीएच में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर चयनित किया गया है. डॉ. धीरज ने महज 35 वर्ष की आयु में यह बड़ी सफलता हासिल की है. डॉ. कुमार की इस उपलब्धि से स्थानीय बाजारवासियों में खुशी का माहौल है.
राजगीर नवोदय से हुई प्रारंभिक शिक्षा
डॉ धीरज कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, राजगीर से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई पूरी की.
जिस संस्थान से उन्होंने चिकित्सा शिक्षा हासिल की, उसी संस्थान में आज उन्हें गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है.
ब्रिटेन से हासिल की विशेष योग्यता
डॉ धीरज कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चिकित्सा योग्यता को मजबूत किया है. उन्होंने लंदन से एमआरसीपी की पार्ट वन, टू व पार्ट थ्री परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं. इसके अलावा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में ब्रिटेन से विशेष योग्यता हासिल की है.
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जनसेवा का माध्यम है चिकित्सा सेवा
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. कुमार ने कहा कि चिकित्सा सेवा पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है. पेट, आंत व लिवर से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का बेहतर इलाज व सेवा करना उनका मुख्य धर्म है.
पिता को दिया सफलता का श्रेय
डॉ धीरज ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता सेवानिवृत्त शिक्षक भगीरथ प्रसाद को दिया. उन्होंने कहा कि पीएमसीएच के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग को मजबूत बनाना और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल होगी.
