बिहार ग्रामीण बैंक कर्मियों की हड़ताल नौ को

केंद्र सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे देश में बैंक कर्मी आंदोलनरत हैं.

बिहारशरीफ. केंद्र सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे देश में बैंक कर्मी आंदोलनरत हैं. इसी क्रम में नौ जुलाई 2025 को बिहार ग्रामीण बैंक के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बिहार ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन और एम्प्लॉइज फेडरेशन शामिल होंगे. हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने किया है. कॉमरेड नदीम अख्तर, राष्ट्रीय सचिव व महासचिव बिहार ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन) ने कहा केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों के निजीकरण की साजिश रच रही है. आई पी ओ के ज़रिए इन्हें कॉरपोरेट घरानों के हाथों सौंपने की तैयारी है, जो ग्रामीण बैंकिंग के मूल उद्देश्य के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंक की स्थापना 1975 में लो-कॉस्ट बैंकिंग मॉडल के तहत की गई थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को सुलभ, सस्ती और सशक्त बैंकिंग सेवा मिल सके. लेकिन अब इन्हें मुनाफाखोरी की राह पर धकेला जा रहा है. कॉमरेड अख्तर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर को लाभ के केंद्र में बदलना है, जिससे आम जनता को विभिन्न अनैतिक शुल्कों के माध्यम से लूटा जाएगा. यह ग्रामीण बैंक की आत्मा और उद्देश्य के खिलाफ है. भारत लोकतांत्रिक देश है. जनता के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. 09 जुलाई को बिहार ग्रामीण बैंक की शाखाओं में न तो लेनदेन होगा, न ही ग्राहक सेवा. हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे, और सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में इस हड़ताल का प्रत्यक्ष असर आम लोगों की बैंकिंग सुविधा पर पड़ेगा.

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