बिहार सरकार के कृषि विभाग ने राज्य के सभी जिलों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों एवं अन्य माध्यमों से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों और कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति, मानदेय एवं सेवा संबंधी अभिलेखों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है.
विभाग ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को इन कर्मियों का विस्तृत विवरण निर्धारित प्रपत्र में तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इस कदम को संविदा एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
कृषि विभाग के उप निदेशक (सूचना एवं जनसंपर्क) अविनाश कुमार द्वारा जारी पत्र (संख्या- 09 IT/DCS-06/2025/517) के अनुसार, विशेष सचिव डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के मद्देनजर सभी जिलों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है.
विभाग यह जानना चाहता है कि किस कर्मी की नियुक्ति कब और किस प्रक्रिया के तहत हुई, वर्तमान में उसे कितना मानदेय मिल रहा है, भुगतान किस डीडीओ के माध्यम से किया जा रहा है तथा सेवा शर्तों के अनुसार प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि का क्या प्रावधान है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक कर्मी का नियुक्ति पत्र, चयन प्रक्रिया का विवरण, पदस्थापन संबंधी आदेश, वर्तमान मानदेय, वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रतिशत तथा संबंधित अधिकारियों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मियों की सेवा शर्तों एवं भुगतान व्यवस्था का समग्र मूल्यांकन किया जा सके.
विशेष सचिव ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
इस मामले को लेकर कृषि विभाग में एक उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई गई है. विभाग के उप सचिव मनोहर टोप्पो द्वारा जारी पीत पत्र (गै. स. प्र. सं. 522) के अनुसार, विशेष सचिव डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद यादव के कार्यालय कक्ष में अधिकारियों की यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी.
इसमें कृषि विभाग के विभिन्न निदेशालयों एवं संबद्ध संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.
बैठक में उप निदेशक (सूचना एवं जनसंपर्क) अविनाश कुमार, बामेती के राज्य समन्वयक प्रमोद कुमार मिश्रा, पौधा संरक्षण के उप निदेशक संजीव कुमार, उद्यान निदेशालय के उप निदेशक राजू राउत तथा भूमि संरक्षण निदेशालय के उप निदेशक नीरज कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे.
मानदेय और नियुक्ति प्रक्रिया की होगी गहन जांच
बैठक के दौरान सेवा प्रदाता (आउटसोर्सिंग) एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मियों के मानदेय भुगतान की व्यवस्था, नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता, पदस्थापन आदेशों की प्रामाणिकता तथा लागू नियमों व कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की जाएगी.
विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई हैं और कर्मियों को स्वीकृत मानकों के अनुसार ही मानदेय का भुगतान किया जा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है.
महत्वपूर्ण बात: यह आदेश फिलहाल केवल जानकारी संकलन एवं विभागीय समीक्षा से संबंधित है. जारी पत्र में किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्ति, मानदेय कटौती अथवा नई नियुक्ति का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. समीक्षा रिपोर्ट तैयार होने के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
