अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर की हुई बैठक

श्रमिकों मजदूरी मानदेय लूटने और वोट बंदी करने वाली दिल्ली पटना की सरकारों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों की संयुक्त में अगामी 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए गुरुवार अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा की बैठक भाकपा माले प्रखंड कार्यालय हिलसा में संपन्न हुई.

हिलसा (नालंदा). श्रमिकों मजदूरी मानदेय लूटने और वोट बंदी करने वाली दिल्ली पटना की सरकारों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों की संयुक्त में अगामी 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए गुरुवार अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा की बैठक भाकपा माले प्रखंड कार्यालय हिलसा में संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष कामरेड प्रमोद यादव और संचालन संगठन के जिला सचिव कामरेड रामधारी दास ने किया. बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड सुरेंद्र राम ने कहा कि आगामी होने वाले विधानसभा चुनाव में हार कि संभावना को देखते एनडीए सरकार ऐन-केन प्रकारेण के जरिए बिहार की सत्ता को हथियाना चाह रही है. चुनाव आयोग के द्वारा वोटर सघन पुननिरीक्षण के नाम पर बिहार के दलित गरीब अल्पसंख्यक को माता-पिता से जन्म प्रमाण पत्र मांग करना है, यह दर्शाता है कि लोगों को वोट से वंचित करने का पूरी साजिश है जो लोकतंत्र और संविधान की संपूर्ण विरोधी है. उन्होंने चुनाव आयोग से वोटर पूर्ण निरीक्षण कार्य को वापस लेने तथा अपने कार्यकर्ताओं को गांव गांव जाकर जनता को संविधान और लोकतंत्र के विरोधी कार्यवाही के खिलाफ 9 जुलाई 2025 को सड़क राष्ट्वयापी हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. वही जिला सचिव कामरेड रामधारी दास ने कहा कि जन पक्षीय जो कानून था. उसको समाप्त कर मजदूर पक्षीय अधिकारों को बड़े पैमाने पर संविधानिक और अधिकारों से वंचित कर बड़े पूंजी पतियों मालिकों के हित में सस्ता और सुलभ मजदूर मिले इसके लिए श्रम कानून समाप्त के लिए मोदी सरकार ने चा रश्रम कोड कानून लाकर मजदूरों को कारपोरेट की गुलामी की ओर धकेल दिया. इसीलिए मजदूर किसान आंगनबाड़ी ममता आशा कर्मी सहित सभी स्कीम वर्करो को 9 जुलाई 2025 को मजदूरी मानदेय चोर एनडीए सरकार गद्दी छोड़ नारे के साथ राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल करने के लिए गांव-गांव में प्रचार आत्मक रूप से शामिल होने की अपील किया. बैठक में जिला कमेटी सदस्य रामदास अकेला, शिव शंकर, महेंद्र प्रसाद प्रसाद, इंदल बिंद, विनेश पासवान, उमेश बिंद, दिनेश दास, अशोक कुमार महेंद्र रविदास, बेचन प्रसाद, वखोरी बिंद, बढन पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्त मौजूद थे.

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Published by: Santosh kumar singh

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