ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों के लिए किताबों की कमी बन रही रोड़ा

शेखपुरा : लॉकडाउन के बाद बच्चों के समक्ष शिक्षा-दीक्षा की परेशानी और बढ़ गयी है. दरअसल विद्यालय बंद रहने की स्थिति में सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. ऐसी परिस्थिति में निजी शिक्षण संस्थान ने तो ऑनलाइन शिक्षा का प्रबंध किया है, लेकिन पुस्तकों का अभाव […]

शेखपुरा : लॉकडाउन के बाद बच्चों के समक्ष शिक्षा-दीक्षा की परेशानी और बढ़ गयी है. दरअसल विद्यालय बंद रहने की स्थिति में सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. ऐसी परिस्थिति में निजी शिक्षण संस्थान ने तो ऑनलाइन शिक्षा का प्रबंध किया है, लेकिन पुस्तकों का अभाव इस पढ़ाई की आधुनिक प्रणाली में बाधा उत्पन्न कर रही है. यह स्थिति लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हो रही है.

अभिभावक घरों से निकलकर पुस्तकें खरीदने के लिए नहीं निकल पा रहे हैं. इतना ही नहीं पुस्तकों की दुकानों को भी खोलने की अनुमति नहीं है. ऐसे में ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था लोगों को रास नहीं आ रही है. नाम नहीं छापने की शर्त पर विद्यालय प्रबंधक ने बताया कि जिले में 63 निबंधित निजी विद्यालयों में लगभग 45 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. अधिकतर विद्यालय प्रबंधन के द्वारा विभिन्न संस्थानों में नये सत्र की पुस्तकें उपलब्ध कराने में सफलता हासिल कर ली गयी है. बच्चों तक पुस्तकें नहीं पहुंच रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में नये सत्र की पढ़ाई अधर में लटकती दिख रही है. इधर बच्चों की पढ़ाई की चिंता में डूबे अभिभावक भी परेशान हैं. इस बाबत अभिभावक व अधिवक्ता मो शकील अहमद ने डीएम इनायत खान से मांग करते हुए कहा कि नये सत्र की शैक्षणिक समयावधि को देखते हुए पुस्तक की दुकानें खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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