बढ़ रहा है सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर
बिहार में बेनीबाद में बागमती और जयनगर व झंझारपुर रेल पुल के पास कमला बलान शुक्रवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. वही गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, फल्गु, महानंदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गयी. कोसी और गंडक नदियों का डिस्चार्ज इस साल शुक्रवार को अधिकतम रहा. जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए अपने सभी इंजीनियरों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है.
गंगा नदी का जलस्तर बक्सर में गुरुवार को 52.49 मीटर था शुक्रवार को इसमें 19 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई, यह 52.68 मीटर हो गया. पटना के दीघा घाट पर यह गुरुवार को 47.07 मीटर था. इसमें 35 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई. यह शुक्रवार को 47.42 मीटर हो गया. पटना के गांधी घाट पर यह गुरुवार को 46.20 मीटर था. इसमें 31 सेंटीमीटर में भी बढ़ोतरी हुई और शुक्रवार को 46.51 मीटर हो गया. वहीं, गंगा के जलस्तर में हाथीदह में 24 सेंटीमीटर, मुंगेर में 30 सेंटीमीटर भागलपुर में 13 सेंटीमीटर और कहलगांव में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.
बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद में खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था. कमला बलान नदी जयनगर में खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर और झंझारपुर रेल पुल के पास 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी. पुनपुन नदी के जलस्तर में श्रीपालपुर में 53 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई. महानंदा नदी का जलस्तर तैयबपुर में 55 सेंटीमीटर बढ़ा. घाघरा नदी के जलस्तर में दरौली में 24 सेंटीमीटर और गंगपुर सिसवन में 51 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में खगड़िया में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.