पटना से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट
Bihar Revenue Department: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राजस्व दस्तावेजों में सुधार के लिए 46 लाख पेंडिंग आवेदनों के समाधान के लिए 11 से 17 जून तक सभी अंचलों में विशेष अभियान चलाया जायेगा. वहां रविवार को भी काम होगा. इसके तहत राजस्व महाअभियान में प्राप्त सभी आवेदनों की स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग अभियान मोड में होगा.
खासकर रैयतों से जुड़े भूमि अभिलेखों के सुधार, उत्तराधिकार, नामांतरण और बंटवारा आधारित नामांतरण के मामलों को जल्द करने के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है. विशेष शिविर के दौरान प्राप्त लक्ष्यों को पूरा कराना संबंधित अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी. कार्यों की नियमित निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी और प्रगति की समीक्षा की जाएगी.
मंत्री दिलीप जायसवाल ने और क्या कहा?
पुराना सचिवालय स्थित मुख्य सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक राजस्व महाअभियान चलाया था. इस दौरान राज्य के सभी हलकों में शिविर लगाकर आम रैयतों से डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार आधारित नामांतरण और बंटवारा आधारित नामांतरण से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए थे. अभियान के दौरान कुल 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए.
31 मार्च 2026 तक था लक्ष्य, लेकिन अब तक अधूरा
अभियान के अगले फेज में इन सभी आवेदनों की स्कैनिंग, संबंधित पोर्टलों पर अपलोडिंग के बाद अभियान चलाकर समय पर समाधान की कार्रवाई की जानी थी. विभाग की ओर से इसके लिए समय-समय पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे. 31 मार्च 2026 तक सभी आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके बावजूद कई जिलों में कार्य को गति नहीं मिल पाई.
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार महाअभियान में मिले आवेदनों में से अब तक 81.91 प्रतिशत आवेदनों की स्कैनिंग की जा सकी है. मात्र 26.43 प्रतिशत आवेदन ही संबंधित पोर्टलों पर अपलोड किए गए हैं. मंत्री ने इस स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि लाखों रैयतों के आवेदन लंबित रहना स्वीकार्य नहीं है.
आवेदनों की होगी शत-प्रतिशत स्कैनिंग
डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि विशेष शिविर के दौरान महाअभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही सभी आवेदनों को संबंधित पोर्टलों पर शत-प्रतिशत अपलोड किया जाएगा. इसके बाद तीसरे फेज में आवेदनों का समाधान किया जायेगा.
इसमें राज्य के अधिकांश जिलों में कार्यरत विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सेवाएं भी ली जाएंगी. शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल को छोड़कर शेष जिलों के विशेष सर्वेक्षण अमीनों को स्कैनिंग, अपलोडिंग और निष्पादन कार्य में लगाया जाएगा. इन पांच जिलों में सर्वे का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य है.
Also Read: बिहार में व्हाट्सएप चैनलों से जुड़ेंगे शिक्षक, शिक्षा विभाग ने इस वजह से लाई नई व्यवस्था
