बीजेपी छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे RCP SINGH, पार्टी में उचित स्थान नहीं मिलने से थे नाराज

Bihar Politics: बिहार में साल 2025 में विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर सियासी गलियारों में उथल-पुथल मचा हुआ है. इस बीच बिहार के दिग्गज नेता आरसीपी सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वे भाजपा छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे.

Bihar Politics: बिहार में साल 2025 में विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर सियासी गलियारों में उथल-पुथल मचा हुआ है. इस बीच बिहार के दिग्गज नेता आरसीपी सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वे भाजपा छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे. जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

बता दें कि, उन्होंने 5 अगस्त 2022 में जेडीयू से इस्तीफा दिया था. जेडीयू छोड़ने के ठीक 9 महीने बाद 11 मई 2023 को दिल्ली में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली. बीजेपी के सीनियर नेता धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था. लेकिन पार्टी में उचित स्थान नहीं मिलने से वे काफी समय से नाराज चल रहे थे.

बता दें कि आरसीपी सिंह बिहार में कई दिनों से सक्रिय नजर आ रहे थे. जिससे यह चर्चा हो रही थी कि वे जल्द ही नई पार्टी की घोषणा करेंगे. इसको लेकर उन्होंने पहले से तैयारी कर ली थी. यही वह वजह है कि समर्थकों की ओर से आरसीपी सिंह की तस्वीर के साथ पटना की सड़कों पर पोस्टर भी लगाए गए हैं.

जदयू द्वारा लगाया गया था भ्रष्टाचार का आरोप

जदयू ने 2022 में RCP SINGH पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. जदयू के कार्रवाई का आधार उनकी और उनके घर वालों की संपत्ति में वृद्धि बताई गई थी. दिलचस्प बात यह है कि इनकी संपत्ति का ब्योरा जदयू के नेताओं द्वारा जुटाया गया था. उनके अनुसार आरसीपी और उनके घर वालों ने 2013 से 2022 तक नालंदा जिले में सिर्फ दो प्रखंड अस्थवां और इस्लामपुर में करीब 40 बीघा जमीन खरीदी थी. कई और जिलों में भी उनकी संपत्ति होने की बात कही गई थी.

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आरसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था

पार्टी द्वारा इसे भ्रष्टाचार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ माना था. अपने ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ जांच करने और उनसे भ्रष्टाचार संबंधी सवाल जवाब करने वाली जदयू हालिया वर्षों में देश की पहली पार्टी बन गई थी. आरसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. जिसके बाद आरसीपी सिंह द्वारा सादे कागज पर इस्तीफा दिया गया था.

यूपी कैडर के IAS अफसर थे RCP सिंह

रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी RCP सिंह 1984 बैच के IAS अधिकारी रह चुके हैं. नीतीश कुमार के स्वजातीय हैं और उनके गृह जिले नालंदा के ही निवासी है. बता दें कि RCP सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी थे. नीतीश जब केंद्र में मंत्री बने तब उन्हें उत्तर प्रदेश से लाकर अपना सचिव बनाया गया.

उसके बाद जब बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तो फिर से उन्हें उत्तर प्रदेश बुलाकर अपना प्रधान सचिव बनाया. फिर Nitish Kumar ने जदयू का सुप्रीमो भी RCP को बनाया था, लेकिन बाद में दोनों में दूरियां बढ़ गईं.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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