पटना. कभी बिजली की किल्लत झेलने वाला बिहार अब सरप्लस स्टेट बन गया है. पिछले दो वर्षों से बिहार के पीक डिमांड के मुकाबले बिजली की उपलब्धता काफी बेहतर हुई है. बिजली कंपनियों के एक अनुमान के मुताबिक मार्च 2024 तक बिहार के पास पीक डिमांड से करीब 30 फीसदी अधिक यानि 1284 मेगावाट सरप्लस बिजली उपलब्ध होगी. ऐसे में बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड ने उपलब्ध बिजली के प्रबंधन को लेकर कार्ययोजना तैयार की है. आपूर्ति कंपनियां सर्दियों में उपयोग के बाद बची बिजली को बेचने और गर्मियों में पीक आवर के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदने को लेकर विशेषज्ञों से परामर्श ले रही है.
बिहार में अब सरप्लस बिजली, सरकार कर रही दूसरे राज्यों को बेचने पर विचार

बिहार में अब सरप्लस बिजली, सरकार कर रही दूसरे राज्यों को बेचने पर विचार
Copied link
मार्च 2024 तक बिहार के पास पीक डिमांड से करीब 30 फीसदी अधिक यानि 1284 मेगावाट सरप्लस बिजली उपलब्ध होगी. ऐसे में बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड ने उपलब्ध बिजली के प्रबंधन को लेकर कार्ययोजना तैयार की है.