Bihar News: बिहार के विराट रामायण मंदिर में एक और भव्य धार्मिक निर्माण जुड़ने जा रहा है. यहां पहले ही विश्व का सबसे बड़ा 33 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है. अब उसी परिसर में 18 फीट ऊंचे नंदी भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. यह प्रतिमा देश के प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज तैयार करेंगे.
अरुण योगीराज को मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इस परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है. श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि योगीराज का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना मंदिर निर्माण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि नंदी भगवान की यह विशाल प्रतिमा मंदिर की भव्यता को और बढ़ाएगी.
18 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 18 फीट ऊंची नंदी प्रतिमा को तैयार करने में करीब 18 महीने का समय लगेगा. निर्माण कार्य के दौरान जिस स्थान पर नंदी की स्थापना होनी है, वहां का काम रोक दिया जाएगा. हालांकि मंदिर परिसर के अन्य हिस्सों में निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेगा.
मंदिर स्थल का दौरा कर चुके हैं योगीराज
अरुण योगीराज ने हाल ही में विराट रामायण मंदिर परियोजना स्थल का दौरा भी किया. उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा और डिजाइन को करीब से देखा. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस भव्य धार्मिक परियोजना का हिस्सा बनना उनके लिए ऐतिहासिक और गर्व की बात है. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में शिल्पकला और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.
देश के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल
अरुण योगीराज देश के जाने-माने शिल्पकारों में से एक हैं. उन्होंने अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण किया है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय रही. इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा भी तैयार की है. उनकी कलाकृतियां अपनी बारीकी और आध्यात्मिक भावनाओं के लिए जानी जाती हैं.
120 एकड़ में बन रहा भव्य धार्मिक परिसर
विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. यह मंदिर श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के जानकीनगर (कैथवलिया) में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. मंदिर परिसर में कुल 18 शिखर और 22 अलग-अलग मंदिर बनाए जाएंगे. इसके साथ ही यहां एक विशाल प्रार्थना हॉल भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक साथ करीब 20 हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे.
हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं
मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा शिवलिंग पहले ही स्थापित हो चुका है. इसके दर्शन के लिए प्रतिदिन 4 से 5 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंदिर को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
