Bihar News: बिहार के अन्नदाताओं के लिए होली के खुशनुमा माहौल के बीच एक और बड़ी सौगात आई है. राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने घोषणा की है कि अब बिहार में सिर्फ धान और गेहूं ही नहीं, बल्कि मसूर की भी सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी.
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी 2026 मौसम के लिए बिहार से 32,000 मीट्रिक टन मसूर की खरीद को हरी झंडी दे दी है.
अन्नदाताओं की आय में होगा इजाफा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को दोहराया है. कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत होने वाली इस खरीद का सीधा लाभ उन छोटे और मध्यम किसानों को मिलेगा जो बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम पर अपनी फसल बेचने को मजबूर थे.
सबसे राहत की बात यह है कि फसल बेचने के बाद किसानों को अपनी रकम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. पूरी प्रक्रिया आधार आधारित और पारदर्शी होगी, जिसमें फसल बेचने के मात्र 3 दिनों के भीतर भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा.
60 दिनों का ‘मेगा प्लान’
इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है. सरकार ने इस खरीद अभियान को सफल बनाने के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की है.
राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से खरीद शुरू होगी और अगले दो महीनों तक लगातार जारी रहेगी. इसके लिए पंचायत स्तर पर खरीद केंद्रों की स्थापना, किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण और भंडारण की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है. मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे पोर्टल पर अपना पंजीकरण जल्द से जल्द सुनिश्चित करें ताकि इस योजना का लाभ उठाने में कोई देरी न हो.
दलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
बिहार में मसूर का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, लेकिन बाजार में भाव गिरने की वजह से किसान अक्सर हतोत्साहित हो जाते थे.
अब सरकारी गारंटी मिलने से राज्य में दलहन उत्पादन के प्रति किसानों का रुझान बढ़ेगा. कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के अनुसार, सरकार का लक्ष्य न केवल खरीद करना है, बल्कि बिहार को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना भी है.
Also Read: चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, बड़ी मां के गले लग रो पड़े
