Bihar News: पटना को मिलेगा नया रिवर फ्रंट, दीघा से दीदारगंज तक बदलेगा गंगा नजारा
Bihar News: अब पटना में गंगा सिर्फ आस्था की धारा नहीं रहेगी, बल्कि सैर-सपाटे, पर्यटन और शहर की खूबसूरती का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रही है.
Bihar News: राजधानी पटना के गंगा तटों को नए सिरे से संवारने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. दीघा से दीदारगंज तक करीब आठ किलोमीटर लंबे क्षेत्र में रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा. पटना नगर निगम इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कर रहा है, जिसे सशक्त स्थायी समिति की अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा.
इस परियोजना के तहत गंगा किनारे पैदल पथ, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
गंगा तट को मिलेगा आधुनिक और सुसंगठित स्वरूप
नगर निगम की योजना के अनुसार रिवर फ्रंट बनने से गंगा किनारा सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह शहरवासियों के लिए एक आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा. जैसे कलेक्ट्रेट घाट से दीघा घाट तक का इलाका आज पटना की पहचान बन चुका है, वैसे ही अब पटना सिटी की ओर नौजर कटरा से दीदारगंज तक का क्षेत्र भी नए आकर्षण के रूप में उभरेगा. इससे गंगा तटों की सुंदरता बढ़ेगी और शहर का शहरी स्वरूप और अधिक निखरेगा.
पर्यटन, रोजगार और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा
रिवर फ्रंट परियोजना से पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है. गंगा किनारे विकसित होने वाले पैदल पथ और हरित क्षेत्र लोगों को सुबह-शाम टहलने, परिवार के साथ समय बिताने और शहर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर देंगे.
इससे छोटे व्यवसाय, खानपान से जुड़े स्टॉल, पर्यटन सेवाएं और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना पटना की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी.
ऐतिहासिक और धार्मिक घाटों को जोड़ेगा रिवर फ्रंट
नौजर कटरा से दीदारगंज तक का इलाका ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में खाजेकलां घाट, मिरचाई घाट, कंगन घाट, टेरी घाट, किला घाट, पीरदमड़िया घाट और दीदारगंज जैसे प्रसिद्ध घाट मौजूद हैं.
कंगन घाट पर हाल के महीनों में कई सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे यह क्षेत्र पहले ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. अब सभी घाटों को एकसाथ जोड़कर रिवर फ्रंट के रूप में विकसित करने से इस इलाके की पहचान और मजबूत होगी.
डीपीआर के बाद सरकार से मांगी जाएगी मंजूरी
नगर निगम की ओर से तैयार की जा रही डीपीआर को राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, ताकि परियोजना को स्वीकृति और वित्तीय सहायता मिल सके. मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनाने की तैयारी है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो आने वाले समय में पटना को एक भव्य और आधुनिक रिवर फ्रंट मिलने जा रहा है.
मरीन ड्राइव के बाद गंगा किनारे एक और पहचान
हाल के वर्षों में जेपी गंगा पथ और मरीन ड्राइव पटना के लोगों के लिए सैर-सपाटे का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं. अब दीघा से दीदारगंज तक विकसित होने वाला रिवर फ्रंट शहर की दूसरी बड़ी पहचान बन सकता है. इससे न सिर्फ पटना की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि गंगा के साथ शहर का रिश्ता भी एक नए, आधुनिक और जीवंत रूप में सामने आएगा.
