Bihar News: हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश करना पहले जैसा आसान नहीं होगा. सुरक्षा समिति की हालिया बैठक के बाद कोर्ट प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब बिना तलाशी और पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
यह फैसला हाई कोर्ट की सुरक्षा को अभेद्य बनाने और रोजाना आने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.
बिना तलाशी नहीं होगी एंट्री
कोर्ट प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले हर व्यक्ति की जांच अनिवार्य होगी. वकील, उनके क्लर्क (मुंशी) और मुवक्किल—सभी को सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. साथ ही सभी को अपने सामान की स्कैनिंग और तलाशी में सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करना होगा.
वाहनों पर भी सख्ती
नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी वाहन बिना वैध पास के हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा. केवल हाईकोर्ट द्वारा जारी पासधारी दोपहिया और चारपहिया वाहनों को ही अंदर आने की अनुमति दी जाएगी. इससे सुरक्षा जोखिम और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा.
वकीलों और क्लर्कों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
कोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि सभी वकीलों और उनके क्लर्कों को प्रवेश के समय पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा. इस संबंध में हाईकोर्ट के महानिबंधक की ओर से नोटिस जारी कर तीनों अधिवक्ता संघों को सूचित कर दिया गया है.
सुरक्षा बनी प्राथमिकता
पटना हाईकोर्ट में प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है. यहां चार हजार से अधिक वकील, उनके क्लर्क और करीब एक हजार मुवक्किल रोज पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा को लेकर सख्ती जरूरी मानी जा रही है. पूरे परिसर की सुरक्षा डीएसपी के नेतृत्व में की जाती है और हर गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं.
हाईकोर्ट परिसर में कुल पांच गेट हैं, जिनमें एक गेट न्यायाधीशों के लिए आरक्षित है. बाकी चार गेट से आम लोगों, वकीलों और मुवक्किलों का प्रवेश होता है. सभी गेटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, साथ ही कोर्ट रूम और कॉरिडोर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
Also Read: मलाही पकड़ी स्टेशन का अप्रैल में हो सकता है निरीक्षण, लिफ्ट और एस्केलेटर का काम पूरा
