Bihar News: बिहार का पहला स्किन बैंक तैयार! पटना एम्स में जलने वाले मरीजों को अब मिलेगा नया जीवन
Bihar News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में बर्न और प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े मरीजों के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नया भवन मार्च महीने से शुरू होने जा रहा है. इसके साथ ही पटना एम्स बिहार का पहला ऐसा अस्पताल बन जाएगा, जहां गंभीर रूप से जले हुए मरीजों के इलाज के लिए अलग और पूरी तरह आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी.
Bihar News: अब जले हुए मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. पटना एम्स में बनने जा रहा नया भवन बिहार में बर्न ट्रीटमेंट की तस्वीर बदलने वाला है. मार्च 2026 से एम्स पटना में अत्याधुनिक बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग का नया भवन पूरी तरह चालू हो जाएगा.
नया भवन पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा. इसमें कुल 50 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें 12 आईसीयू बेड शामिल होंगे. मरीजों के ऑपरेशन के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं. इसके अलावा स्किन बैंक, डरमाटोम मशीन, हाइड्रोथेरेपी टब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी होंगी, जो अब तक राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं.
बिना हाथ लगाए होगी जख्मों की सफाई
इस केंद्र की सबसे खास बात हाइड्रोथेरेपी टब है, जिससे मरीजों के जख्मों की सफाई बिना हाथ लगाए की जा सकेगी. इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और मरीज को कम दर्द का सामना करना पड़ेगा. माइक्रोस्कोप की मदद से सर्जरी की जाएगी, जिससे सटीक और सुरक्षित ऑपरेशन संभव होगा.
कॉस्मेटिक सर्जरी की भी मिलेगी सुविधा
यह केंद्र सिर्फ बर्न मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा. यहां कॉस्मेटिक सर्जरी और अन्य तरह की प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी. माइक्रोवस्कुलर सर्जरी, एंडोस्कोपिक सर्जरी और लेजर सेवाएं भी यहां उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे बिहार के मरीजों को इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी.
भवन में इलाज के साथ-साथ मरीजों की संपूर्ण देखभाल की भी व्यवस्था होगी. यहां नर्सिंग स्टाफ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, तकनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, सोशल वर्कर, हैंड थेरेपी विशेषज्ञ और डाइटिशियन की तैनाती की जाएगी. इसका उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मरीजों को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ करना है.
मार्च से शुरू होने की उम्मीद
बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह के अनुसार भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. जिन मशीनों का ऑर्डर दिया गया है, उनकी आपूर्ति जल्द हो जाएगी. उम्मीद है कि मार्च महीने से मरीजों को यहां आधुनिक और समर्पित इलाज की सुविधा मिलने लगेगी.
