Bihar News: राजगीर में सजेगा हॉकी का महाकुंभ, 7 राज्यों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम
Bihar News: बिहार अब सिर्फ इतिहास और पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि खेलों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है. राजगीर का अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एक बार फिर युवा प्रतिभाओं के जोश, प्रतिस्पर्धा और सपनों का गवाह बनने जा रहा है.
Bihar News: बिहार में खेल संस्कृति को नई उड़ान देने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में “महामना हॉकी गोल्ड कप टूर्नामेंट 2026” का आयोजन 19 से 21 जनवरी 2026 तक राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में किया जाएगा. यह अंडर-16 इंटर-स्टेट टूर्नामेंट होगा, जिसमें देश के सात राज्यों की बालक और बालिका टीमें हिस्सा लेंगी.
टूर्नामेंट के शुभंकर और ट्रॉफी का अनावरण पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान किया गया, जिससे इस आयोजन को लेकर खेल जगत में उत्साह और भी बढ़ गया है.
राजगीर बन रहा राष्ट्रीय खेल आयोजनों का केंद्र
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राजगीर का अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम अब राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद की गरिमामयी उपस्थिति भी प्रस्तावित है. उनके अनुसार, बिहार जिस तरह अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, उसी तरह खेलों में भी नई पहचान बना रहा है.
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
इस तीन दिवसीय टूर्नामेंट में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की कुल 16 टीमें भाग लेंगी, जिनमें आठ बालक और आठ बालिका टीमें शामिल हैं. करीब 320 से अधिक युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. यह मंच उनके लिए न केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर होगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगा.
महामना मालवीय मिशन, बिहार चैप्टर के अध्यक्ष बिपिन कुमार सिंह ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के समग्र मानव विकास के विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास है. उन्होंने बताया कि विजेता टीम को एक लाख रुपये, उपविजेता को पचहत्तर हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को पच्चीस हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी. इसके अलावा प्रत्येक लीग मैच में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को पांच हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा.
समान अवसर और समावेशी सोच का संदेश
इस आयोजन की खास बात यह है कि बालक और बालिका वर्ग के लिए समान पुरस्कार व्यवस्था रखी गई है. साथ ही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, सर्वोच्च गोल स्कोरर और फेयर प्ले अवॉर्ड जैसे व्यक्तिगत सम्मान भी दिए जाएंगे. यह आयोजन खेल में समानता और समावेशन की मजबूत मिसाल पेश करता है.
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करते हैं. वहीं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक आईपीएस रविन्द्रन शंकरन ने बताया कि राज्य में खेल अधोसंरचना का निरंतर विकास हो रहा है और ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव देते हैं.
खेल के साथ संस्कृति से भी परिचय
आयोजकों ने खिलाड़ियों, कोचों और टीम अधिकारियों के लिए बेहतर आवास और भोजन की व्यवस्था की है. इसके साथ ही राजगीर और आसपास के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि खिलाड़ी खेल के साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ सकें.
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