Bihar News: बिहार में भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है. ऐसे में भ्रष्ट लोक सेवकों की ओर से काली कमाई से खड़े किए गए साम्राज्य को ढहाने के क्रम में पटना की एक विशेष अदालत ने बेहद कड़ा फैसला सुनाया है. पथ निर्माण विभाग के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अवधेश कुमार सिंह और उनके परिजनों की ओर से अवैध रूप से अर्जित की गई एक करोड़ 15 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अब सरकार जब्त करेगी.
कोर्ट ने संपत्ति जब्त करने का दिया आदेश
पटना के अधिकृत पदाधिकारी सह निगरानी के विशेष जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस जब्ती का अंतिम आदेश जारी कर दिया. अदालत ने चिह्नित की गई तमाम संपत्तियों को एक महीने के भीतर पटना के डीएम को सौंपने का सख्त निर्देश दिया है. अदालत ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि अगर आरोपी अधिकारी एक महीने के अंदर खुद संपत्तियां नहीं सौंपते हैं, तो पटना डीएम अपने स्तर से बलपूर्वक जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
इस तरह हुआ था काली कमाई का पर्दाफाश
काली कमाई का यह पूरा खेल तब बेनकाब हुआ जब बिहार पथ निर्माण विभाग के इस रसूखदार एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को दिल्ली के एक नामचीन होटल में ढाई लाख रिश्वत लेते हुए सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया था. विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि इस गिरफ्तारी के बाद बिहार सरकार के आदेश पर साल 2010 में विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था.
यहां से की जाएगी संपत्ति जब्त
जब्त करने के लिए चिह्नित की गई संपत्तियों में मुख्य रूप से तीन फ्लैट जिसमें बोरिंग रोड एम्बियेंस पार्क अपार्टमेंट में स्थित दो फ्लैट, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एक फ्लैट, बोरिंग रोड स्थित दो ऑफिस की जगह, नकद रुपये, विभिन्न बैंकों में जमा रकम , फिक्स डिपॉजिट, शेयर, किसान विकास पत्र, एनएससी समेत अन्य शामिल हैं. इन संपत्तियों की कुल कीमत एक करोड़ 15 लाख आंकी गई है.
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