जमीन की रजिस्ट्री से पहले जान लें ये नया कानून, एक गलती पड़ सकती है भारी

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब संपत्ति का वास्तविक मूल्य छिपाने पर 100% तक जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही उद्योग स्थापना और शहरी विकास को आसान बनाने के लिए नए विधेयक पारित हुए हैं।

Bihar Land Registry: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. विधानसभा से भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य छिपाकर कम स्टाम्प शुल्क पर रजिस्ट्री कराने वालों पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही उद्योग और शहरी विकास को गति देने के लिए बिहार इज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 और बिहार नगर विकास विधेयक-2026 भी विधानसभा से पारित हो गए.

अब 10% नहीं, सीधे 100% जुर्माना

मद्यनिषेध एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने विधानसभा में बताया कि पहले कम स्टाम्प शुल्क देने पर केवल 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रावधान था. अब इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि पहले संपत्ति का वास्तविक मूल्य छिपाकर कम स्टाम्प शुल्क निर्धारण करने का अधिकार केवल समाहर्ता (Collector) के पास था. अब यह अधिकार समाहर्ता के साथ प्रमंडलीय सहायक निबंधन महानिरीक्षक को भी दिया गया है.

कृषि भूमि बताकर कॉमर्शियल जमीन बेचने पर होगी सख्ती

सरकार का कहना है कि कई मामलों में व्यावसायिक (कॉमर्शियल) भूमि को कृषि भूमि दिखाकर कम स्टाम्प शुल्क पर रजिस्ट्री कराई जाती थी. नए कानून के लागू होने के बाद इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और राजस्व की चोरी पर सख्ती होगी.

उद्योग लगाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम

विधानसभा से बिहार इज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 भी पारित हो गया है. उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह कानून लाया गया है.

इसके तहत निवेशकों को भूमि, बिजली और अन्य सरकारी अनुमतियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी जरूरी स्वीकृतियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी.

शहरों के विकास को भी मिलेगी रफ्तार

विधानसभा ने बिहार नगर विकास विधेयक-2026 भी पारित कर दिया है. सरकार का कहना है कि इस कानून के लागू होने से राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और शहरों की संख्या बढ़ाने के साथ शहरी विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा.

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By अनिकेत कुमार

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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