बिहार में दाखिल-खारिज का नया नियम लागू, बिना जांच नहीं होगी रजिस्ट्री

Bihar Land Mutation New Rules: बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध जमाबंदी रोकने के लिए दाखिल-खारिज के नियम कड़े कर दिए गए हैं. राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आदेश दिया है कि अब हर म्यूटेशन आवेदन का मिलान सरकारी भूमि सूची से ऑनलाइन किया जाएगा. इसके लिए बिहार भूमि पोर्टल को अपडेट कर दिया गया है.

Bihar Land Mutation New Rules: बिहार में सरकारी जमीनों की सुरक्षा और अवैध कब्जों को रोकने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सोमवार को राज्य के सभी DM को एक सख्त निर्देश जारी किया है. अब से बिहार में जमीन के दाखिल-खारिज के जितने भी आवेदन आएंगे, उन सभी का मिलान सबसे पहले सरकारी जमीन की लिस्ट से करना जरूरी होगा.

सरकार का मकसद यह है कि कोई भी व्यक्ति धोखाधड़ी या गलत तरीके से सरकारी जमीन की जमाबंदी अपने नाम पर न करा सके. इस नए नियम से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सकेगी.

ई-जमाबंदी मॉड्यूल से होगा ऑनलाइन वेरिफिकेशन

जमीन की हेराफेरी रोकने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है. मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि ‘बिहार भूमि पोर्टल’ के ई-जमाबंदी मॉड्यूल में सरकारी जमीन के डिजिटलीकरण और वेरिफिकेशन के लिए जरूरी तकनीकी बदलाव पहले ही किए जा चुके हैं.

खतियान और सरकारी भूमि रजिस्टर के आधार पर जितनी भी सरकारी जमीनें चिह्नित की गई हैं, उन सभी की लिस्ट CO के ऑनलाइन लॉगिन आईडी में डाल दी गई है. इससे अब किसी भी दाखिल-खारिज के आवेदन को पास करने से पहले, उस जमीन का ऑनलाइन मिलान और जांच करना अधिकारियों के लिए बेहद आसान हो गया है.

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लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कसेगा शिकंजा

विभागीय समीक्षा के दौरान सरकार के सामने यह बात आई थी कि कुछ इलाकों में दाखिल-खारिज करते समय सरकारी जमीन के रिकॉर्ड्स का नियमित मिलान नहीं किया जा रहा था. इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने नाराजगी जताई है.

इसी वजह से सभी डीएम को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के अंचल अधिकारियों (CO) को साफ तौर पर चेतावनी दे दें. अब बिना सरकारी जमीन की लिस्ट से जांच और मिलान किए किसी भी दाखिल-खारिज के आवेदन का निपटारा नहीं किया जाएगा. ऐसा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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