Bihar Jamabandi Correction: जमाबंदी में गलती है? अब अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, खुद सुधरेगा रिकॉर्ड

Bihar Jamabandi Correction: बिहार में जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ा एक बड़ा बदलाव हुआ है. अब जमाबंदी में गलती मिलने पर रैयत के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाएगा. अंचल अधिकारी खुद पुराने रिकॉर्ड से मिलान कर सुधार कराएंगे.

Bihar Jamabandi Correction: बिहार में जमाबंदी की गलतियां ठीक करने के लिए चल रहे अभियान में अब जमीन मालिकों को आवेदन देने का इंतजार नहीं करना होगा. अंचल अधिकारी खुद अधूरी और गलत जमाबंदियों की पहचान कर उन्हें उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड से मिलाकर सुधारेंगे. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अंचल अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी है. 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे विशेष अभियान में किसी भी अधूरी या गलत जमाबंदी को लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया गया है.

हलका वार निकलेगी गलत जमाबंदी

विभाग की ओर से अंचल अधिकारियों को अधूरी जमाबंदियों की सूची पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है. अब इन्हें हलका वार निकालकर मूल अभिलेखों से मिलान किया जाएगा.

अगर किसी रिकॉर्ड में जानकारी अधूरी या गलत मिलती है तो उसे पुराने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ठीक कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर राजस्व कर्मचारी हलका में जाकर जरूरी कागज भी जुटाएंगे.

रैयत से आवेदन लेने की जरूरत नहीं

सचिव जय सिंह ने साफ कहा है कि इस अभियान में रैयत के आवेदन का इंतजार करना सही तरीका नहीं है. अभियान विभाग ने खुद शुरू किया है, इसलिए इसे पूरा कराने की जिम्मेदारी भी अंचल अधिकारियों की होगी.

जमाबंदी में नाम, खाता-खेसरा, रकबा या दूसरी जानकारी में गलती मिलने पर मूल रिकॉर्ड देखकर उसे ठीक किया जाएगा. विभाग के विशेष अभियान में डिजिटल जमाबंदी का पुराने रिकॉर्ड से मिलान कर सुधार करने की प्रक्रिया चल रही है. 

मृत रैयतों के वारिसों का भी दर्ज होगा नाम

मृत जमाबंदीदारों के मामलों में भी अंचल स्तर से खुद पहल करने को कहा गया है. पंचायत सचिव और सरपंच की मदद से वंशावली जुटाई जाएगी और उसके आधार पर उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई की जाएगी.

अगर वारिसों के बीच जमीन का आपसी बंटवारा नहीं हुआ है तो सभी उत्तराधिकारियों के नाम से जमाबंदी अपडेट की जाएगी.

अधिकारियों को रोज खुद देखना होगा काम

जय सिंह ने अंचल अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ कर्मचारियों के भरोसे राजस्व का काम न छोड़ें. अंचल में चल रहे काम की जानकारी रखना, उसकी समीक्षा करना और रोज प्रगति देखना उनकी जिम्मेदारी है.

जमाबंदी सुधार अभियान की भी हर दिन खुद निगरानी करने को कहा गया है. बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, जमाबंदी वेरिफिकेशन, लॉक-अनलॉक, सरकारी जमीन की पहचान और जरूरत के अनुसार अनस्कैन्ड भू-अभिलेख उपलब्ध कराने जैसे कामों की भी समीक्षा हुई.

अभियान बसेरा में हर पात्र व्यक्ति का आवेदन लिया जाएगा

अभियान बसेरा को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी पात्र भूमिहीन व्यक्ति आवेदन देने आए तो उसका आवेदन जरूर लिया जाए. किसी पात्र व्यक्ति को आवेदन देने से रोका नहीं जाएगा.

पंचायत स्तर पर 22 से 25 सितंबर और अंचल स्तर पर 22 से 28 सितंबर तक शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में अंचल अधिकारियों की मौजूदगी और उनकी जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है.

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पटना जाने की जरूरत नहीं, अंचल में दे सकते हैं आवेदन

अभियान बसेरा के लाभुकों को आवेदन देने के लिए पटना या राज्य मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं है. आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में जमा किया जा सकता है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है.

शिविर में मिलने वाले आवेदनों का निपटारा तय ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. अधिकारियों को लाभुकों को सही जानकारी देने का निर्देश दिया गया है. गलत जानकारी देकर किसी को गुमराह करने का मामला सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 4 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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