Mukhyamantri Kanya Utthan Yojana: बिहार की ग्रेजुएट पास छात्राओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत राज्य की लगभग 1.5 लाख छात्राओं के बैंक अकाउंट में 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस सिलसिले में उच्च शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को बजट पास करने के लिए अपना प्रस्ताव भेज दिया है.
कागजों और डेटा की जांच का काम पूरा
उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक जिन छात्राओं ने ग्रेजुएशन पास किया था, उनका पूरा डेटा वेबसाइट पर अपलोड करके उसकी जांच पूरी कर ली गई है. जांच के बाद सही पाई गई छात्राओं को इस योजना का पैसा देने का काम तेज कर दिया गया है. अब जैसे ही वित्त विभाग से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, वैसे ही पैसे सीधे छात्राओं के बैंक खातों में डाल दिए जाएंगे.
कुछ फॉर्म में मिली गड़बड़ी, सुधारने का मौका
डेटा की जांच के दौरान विभाग को कुछ छात्राओं के आवेदनों में तकनीकी गलतियां भी मिली हैं. ऐसी छात्राओं का पैसा न फंसे, इसके लिए विभाग ने संबंधित यूनिवर्सिटीज को ऑनलाइन सुधार करवाने का आदेश दिया है, ताकि कोई भी योग्य छात्रा इस योजना के लाभ से छूट न जाए.
शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी ने दी जानकारी
उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री बालिका (ग्रेजुएट) प्रोत्साहन योजना के तहत ग्रेजुएशन पास करने वाली सभी छात्राओं को 50-50 हजार रुपये देने का नियम है. विभाग इस समय पैसे बांटने की आखिरी तैयारियों में लगा है और बहुत जल्द ही छात्राओं के खातों में यह राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
इन यूनिवर्सिटी की छात्राओं को मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ उठाने के लिए बीएन मंडल यूनिवर्सिटी, बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश यूनिवर्सिटी, ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, मुंगेर यूनिवर्सिटी, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, पटना यूनिवर्सिटी, पूर्णिया यूनिवर्सिटी, तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी, वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी और मगध यूनिवर्सिटी समेत राज्य के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों ने अपनी छात्राओं का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया है. सभी सही पाए गए आवेदनों को जल्द ही इसका फायदा मिलेगा.
इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान
बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, सरकार ने मांगी अंतिम रिपोर्ट
