बिहार के श्रमिकों को किया जाएगा ट्रेंड, रात में कारखाने में सोने पर होगी मनाही, आपदा सेल का होगा गठन

Bihar Government: बिहार के श्रमिकों के लिए बिहार सरकार की ओर से खास तैयारी की गई है. अब वे कारखानों में सुरक्षित वातावरण में काम कर सकेंगे. श्रम संसाधन विभाग की तरफ से कारखानों में सुविधाएं बढ़ाए जाने का निर्देश दिया गया है.

पटना से प्रहलाद कुमार की रिपोर्ट
Bihar Government:
बिहार के सभी छोटे-बड़े कारखानों में श्रमिक सुरक्षित वातावरण में काम करेंगे. दूसरे राज्यों में हाल में हुई घटनाओं को देखते हुए श्रम संसाधन विभाग ने कारखानों में श्रमिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.

विभाग ने आदेश दिया है कि सभी कारखानों में श्रमिकों की सुरक्षा को देखते हुए आपदा सेल का गठन किया जाए. सुरक्षा सेल में ट्रेंड श्रमिकों को रखा जायेगा. जिनका प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से कराया जायेगा. इन ट्रेंड श्रमिकों को कारखानों में आपदा के दौरान श्रमिकों के बचाव को लेकर पूरी तरह से ट्रेंड किया जायेगा.

राज्य में 8479 कारखाने निबंधित

विभाग के मुताबिक कारखानों की नियमित जांच रिपोर्ट बनाकर विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा. रिपोर्ट में सेल में शामिल सभी श्रमिकों का हस्ताक्षर जरूरी रहेगा. विभाग के मुताबिक राज्य में 8479 निबंधित कारखाने हैं. जिसमें लगभग दो-तीन लाख कर्मी काम करते है. हाल के दिनों में कारखानों में बढ़ी दुर्घटनाओं को देखते हुए विभाग ने सभी कारखानों में यह नियम सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि श्रमिकों की सुरक्षित वातावरण में काम कर सकें.

रात में कारखाना बंद होने के बाद नहीं रहेंगे श्रमिक

विभाग ने निर्देश दिया है कि जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि रात में कारखाना बंद होने के बाद एक भी श्रमिक कारखाना में नहीं सोयेंगे. पूर्व में दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में कुछ घटनाएं घटी है, जिसमें रात में कारखाना में आग लगी और कई श्रमिकों की मौत तक हो गई, क्योंकि वह उसी कारखाना में सो रहे थे. इस कारण से विभाग ने कारखानों को निर्देश दिया है.

मॉक ड्रील होंगे, सुरक्षा को लेकर दी जायेगी जानकारी

कारखानों में सुरक्षा दिवस और सप्ताह मनाया जायेगा. इसको लेकर सभी कारखानों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है. अब कारखानों में नियमित मॉक ड्रील होंगे. जिसमें कारखाना के सभी कामगार और कर्मी रहेंगे. इन्हें काम करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में बताया जाएगा, ताकि कामगार दुर्घटना के बाद कम से कम चोटिल हो.

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By Preeti dayal

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