बिहार सरकार स्कूली विद्यार्थियों के लिए छापेगी विभिन्न विषयों की डेढ़ करोड़ किताबें, 60 प्रिंटर्स को मिली पेशकश

प्रदेश के 60 प्रिंटर्स ने शिक्षा विभाग से किताबों को छापने के लिए पेशकश की है. हालांकि शिक्षा विभाग अभी इन सभी प्रिंटर्स की पुस्तक छापने की असल क्षमता का आकलन कर रहा है.

पटना. शिक्षा विभाग कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक किताबें छापने जा रहा है.

प्रदेश के 60 प्रिंटर्स ने शिक्षा विभाग से किताबों को छापने के लिए पेशकश की है. हालांकि शिक्षा विभाग अभी इन सभी प्रिंटर्स की पुस्तक छापने की असल क्षमता का आकलन कर रहा है.

विभाग ऐसे प्रिंटर्स का चयन करेगा, जो समय पर सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए बाजार में किताब उपलब्ध करा दें.

सूत्रों के मुताबिक विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों में 100 तरह की किताबें छापी जानी हैं. सर्वाधिक किताबें भाषा विषयों से होती है. शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि इस साल नये शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए बच्चों को अप्रैल में ही किताब उपलब्ध करायेगा.

सामान्य तौर पर अभी तक यह किताबें अगस्त -सितंबर तक बच्चों के लिए बाजार में उपलब्ध हो पाती थीं.

जानकारी के मुताबिक कक्षा एक से आठ तक की किताबें प्रिंटर्स बाजार के जरिये बाजार में मुहैया कराया जाती हैं.

कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को किताबें शिक्षा विभाग खुद मुहैया कराता है. यह किताबें स्कूलों में पहुंचायी जाती हैं.

सूत्रों के मुताबिक प्रिंटर्स की किताब छापने की क्षमता का अाकलन करने की कवायद मार्च माह में पूरा हाे जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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