Bihar Government: बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य के 5 संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के कुल 5 नए पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है. सरकार का मानना है कि इन नए सीनियर पदों के आने से ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था की निगरानी और बेहतर ढंग से हो सकेगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पटना के रूपसपुर इलाके के होटल में बेगूसराय से परीक्षा देने आई एक पॉलिटेक्निक छात्रा से बदसलूकी की घटना के बाद कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे थे.
इन 5 संवेदनशील जिलों में होगी नए ग्रामीण एसपी की तैनाती
गृह विभाग द्वारा जारी ऑफिसियल लेटर के अनुसार, अपराध और सांप्रदायिक नजरिए से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले जिन 5 जिलों में इन नए पदों को मंजूरी मिली है, उनमें पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान शामिल हैं. इन सभी जिलों में एक-एक ग्रामीण एसपी की तैनाती की जाएगी. ये सभी पद बिहार पुलिस सेवा के स्टाफ ऑफिसर कैटेगरी के होंगे.
इससे पहले भी बढ़ती आबादी को देखते हुए बिहार पुलिस सेवा संवर्ग में 181 अतिरिक्त पदों के सृजन के तहत गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, सारण, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर और बेगूसराय जैसे जिलों में ग्रामीण एसपी के पद बनाए जा चुके हैं. अब इसी कड़ी में इन 5 नए जिलों को भी शामिल कर लिया गया है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग की रहेगी नजर
सरकार के अवर सचिव इन्दु भूषण सिंह द्वारा जारी इस आदेश में बताया गया है कि इन 5 नए पदों के सृजन पर राज्य सरकार के खजाने से हर साल अनुमानित 12004800 रुपये खर्च किए जाएंगे. इस बजट में अफसरों की सैलरी (118500), 58% की दर से महंगाई भत्ता (68730) और 10% की दर से मकान किराया भत्ता (11850) शामिल है. इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.
इसे भी पढ़ें: पटना जू की जमीन पर बढ़ सकता है एयरपोर्ट का रनवे, नया प्लान तैयार, जल्द शुरू होगा सर्वे
