पटना से भागलपुर तक बाढ़ का कहर, गंगा-गंडक उफान पर, जानिए किन जिलों पर मंडराया खतरा

Ganga Gandak Water Level Rise: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ रहा है. गंगा, गंडक, पुनपुन, दरधा, कोसी और बागमती समेत कई नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर है. पटना, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा और वैशाली समेत कई जिलों में हालात बिगड़े हैं. सड़क संपर्क टूटा है और हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

Ganga Gandak Water Level Rise: बिहार में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई. गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा समेत कई प्रमुख नदियों का पानी लगातार बढ़ रहा है. इसके कारण राज्य के कई नए इलाकों में पानी फैल गया है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक, शुक्रवार रात तक पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीडा में गंगा का पानी अपने अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर यानी एचएफएल को पार कर सकता है.

8 जिलों के लिए अलर्ट, नदी किनारे रहने वालों को सावधानी की सलाह

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है. खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है.

गंगा कई जगह खतरे के निशान से काफी ऊपर

गंगा का पानी दीघा में खतरे के निशान से 1.17 मीटर ऊपर, गांधी घाट में 1.67 मीटर ऊपर और हथीडा में 1.32 मीटर ऊपर बह रहा था. श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.29 मीटर और कोलहाचक में दरधा नदी 3.07 मीटर ऊपर बह रही थी.

भागलपुर में 15 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का पानी

भागलपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ गया. इसके बाद नाथनगर, नौगछिया और पीरपैंती के दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी फिर पहुंच गया. खेतों में लगी फसल और पशुओं के चारे वाली जमीन का बड़ा हिस्सा भी पानी में डूब गया है.

खगड़िया में भी बढ़ी चिंता

खगड़िया बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है. यहां गंगा का पानी खतरे के निशान से 1.01 मीटर ऊपर बह रहा है. कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक नदियां भी खतरे के निशान से काफी ऊपर हैं. ऐसे में आने वाले समय में बाढ़ का पानी और बढ़ने की आशंका है.

राघोपुर में रेलवे लाइन के पास पहुंचा गंगा का बहाव

राघोपुर में रेलवे लाइन के किनारे बना तटबंध लगभग पूरी तरह कट गया है. इससे जमीन के कटने और धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं. गंगा की मुख्य धारा अब रेलवे पटरी के बेहद करीब पहुंच गई है. इससे करीब दो से तीन किलोमीटर के इलाके पर खतरा बढ़ गया है.

मुंगेर में 24 घंटे में 36 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

मुंगेर में भी गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 36 सेंटीमीटर बढ़ा है. वहीं मधेपुरा के आलमनगर और चौसा प्रखंड में बाढ़ से करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव के लिए अधिकारियों ने 35 नावें लगाई हैं.

बांका में तेज पानी में बह गई वैकल्पिक सड़क

बांका जिले में बरसंडा गांव के पास बन रहे पुल के लिए बनाई गई वैकल्पिक सड़क मिर्चनी नदी की तेज धारा में बह गई. इससे लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है. दूसरी ओर सहरसा के कई गांव भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं.

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कई जिलों में सड़क संपर्क टूटा

बाढ़ के कारण कई जिलों में सड़क से आने-जाने में परेशानी हो रही है. पश्चिम चंपारण में योगापट्टी-छोटा चौमुख-सिसवा मंगलपुर सड़क पर आवाजाही बंद हो गई है. यहां सड़क के ऊपर दो से तीन फीट पानी बह रहा है. समस्तीपुर के करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और कई ग्रामीण सड़कें पानी में डूबी हैं.

पटना में छह लेन पुल पर भी असर

पटना में कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल पर भी बाढ़ का असर पड़ा है और यातायात प्रभावित हुआ है. वैशाली के राघोपुर प्रखंड की सभी पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं. इनमें करीब 20 पंचायतों का मुख्य सड़क नेटवर्क से संपर्क टूट गया है. इससे राहत पहुंचाने और लोगों के आने-जाने में परेशानी हो रही है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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