नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क
पटना : बिहार में कोरोना, बाढ़ आदि समस्याओं पर की जा रही कार्रवाई को लेकर रविवार को सूचना एवं जन संपर्क विभाग की ओर से जारी प्रसारित की गयी. इस दौरान विभाग के सचिव अनुपम कुमार के अलावा स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय) जितेंद्र कुमार, जल संसाधन विभाग के स्वास्थ्य संजीव हंस एवं आपदा प्रबंधन अपर सचिव रामचंद्रूडू आदि मौजूद थे.
इस दौरान जल संसाधन के सचिव संजीव हंस ने कहा कि गंडक नदी में 212200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. विगत 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में बक्सर, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर एवं कहलगांव में क्रमशः 56 सेमी, 27 सेमी, 28 सेमी, 22 सेमी, 19 सेमी, 08 सेमी, एवं एक सेमी की वृद्धि हुई है.
कोशी नदी का जलस्तर बलतारा अवस्थित गेज स्थल के पास 3561 मीटर दर्ज किया गया. जो खतरे के निशान 3385 मीटर से 176 मीटर ऊपर है. सोन नदी में 34793 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित है. बागमती नदी का जलस्तर ढेंग, सोनाखान, कटौझा, बेनीबाद एवं हायाघाट गेज स्थलों पर खतरे के निशान से ऊपर है. महानंदा नदी का जलस्तर तैयबपुर में खतरे के निशान से नीचे है. ढेंगराघाट गेज स्थल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है.
आपदा प्रबंधन के अपर सचिव रामचंद्रूडू ने कहा कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1310 पंचायतें प्रभावित हुई हैं. यहां आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाये जा रहे हैं.