Bihar Election 2020: बिहार दौरे से ठीक पहले अमित शाह से मिले युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या, जानें क्यों माने जाते हैं प्रभावशाली…

पटना: बिहार में चुनाव के तिथि की घोषणा होने के बाद राजनीतिक दलों ने अब अपनी तैयारी और तेज कर दी है. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहां युवाओं के मुद्दों को हथियार बनाया है वहीं भाजपा ने भी अब युवा मोर्चा को मैदान पर उतार दिया है. भाजपा ने हाल में ही युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष को नियुक्त किया है. जिसकी जिम्मेदारी युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को थमाई गई है. तेजस्वी सूर्या चुनावी कार्यक्रम के तहत सोमवार को बिहार आने वाले हैं. वहीं बिहार आगमन से पहले उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.

पटना: बिहार में चुनाव के तिथि की घोषणा होने के बाद राजनीतिक दलों ने अब अपनी तैयारी और तेज कर दी है. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहां युवाओं के मुद्दों को हथियार बनाया है वहीं भाजपा ने भी अब युवा मोर्चा को मैदान पर उतार दिया है. भाजपा ने हाल में ही युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष को नियुक्त किया है. जिसकी जिम्मेदारी युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को थमाई गई है. तेजस्वी सूर्या चुनावी कार्यक्रम के तहत सोमवार को बिहार आने वाले हैं. वहीं बिहार आगमन से पहले उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.

राजद के तेजस्वी के सामने भाजपा के तेजस्वी अब युवाओं के बीच

दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव के लिए इस बार मुख्य विपक्ष यानि राजद ने तेजस्वी के चेहरे को ही प्रमुखता से सामने रखा है. इस बार हमेसा की तरह लालू यादव और राबड़ी देवी को राजद के पोस्टर में जगह नहीं देने का साफ संकेत है कि राजद युवा चेहरा और युवाओं के मुद्दों को लेकर प्रमुखता से जनता के बीच खड़ी हो सकती है. वहीं तेजस्वी यादव ने रविवार को ट्वीट के जरिए भी युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर निशाना साधा है और राजद की सरकार बनने पर 10 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही है. बिहार में युवाओं को एकजुट करने भाजपा के केंद्र नेतृत्व ने अब पार्टी के युवा मोर्चा के नवनियुक्त अध्यक्ष तेजस्वी सुर्या को मैदान में उतारा है.

कांग्रेस महासचिव को तीन लाख से अधिक मतों से हराया

साउथ बेंगलुरु की सीट से भाजपा का टिकट लेकर 28 साल की उम्र में लोकसभा पहुंचने वाले तेजस्वी सुर्या को एक बेहतरीन वक्ता माना जाता है. बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री एचएन अनंत कुमार छह बार साउथ बेंगलुरु की सीट से सांसद रहे थे. जिनके देहांत के बाद तेजस्वी सुर्या का टिकट तब फाइनल किया गया जब प्रदेश इकाई ने इस सीट के लिए सिर्फ अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी अनंत कुमार का नाम भेजा था. हालांकि तेजस्वी सुर्या ने 2019 के चुनाव में कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद को तीन लाख से अधिक मतों से हराकर आलाकमान का फैसला सही साबित किया. तेजस्वी अपने भाषणों के कारण अक्सर चर्चे में रहते हैं. वहीं उन्हें आरएसएस व नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह का पसंदीदा नेता माना जाता है.

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28 साल की उम्र में पहुंचे लोकसभा, माना जाता है एक बेहतरीन वक्ता…

सूर्या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में रहे हैं और बीजेपी के युवा मोर्चे के अध्यक्ष बनने से पहले इसके जनरल सेक्रेटरी के पद पर थे. जिसके बाद पार्टी ने उनका कद और बढ़ा दिया. तेजस्वी का युवाओं की लोकप्रियता युवाओं के बीच काफी अधिक है और वो युवाओं को जोड़ने में माहिर माने जाते हैं. यही वजह है कि बीजेपी को लगता है कि तेजस्वी सूर्या का बिहार दौरा बिहार के युवाओं से उन्हें जोड़ सकता है. खासतौर से उस समय जब विपक्ष का युवा चेहरा यानी तेजस्वी यादव बेरोजगारी के मुद्दे पर बिहार के युवाओं को अपने साथ जोड़ने में लगे हैं.भाजपा को अपने तेजस्वी से काफी उम्मीद रहेगी.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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