Bihar Education Department: बिहार में 3 हजार से ज्यादा फर्जी शिक्षकों का मामला पिछले दिनों सामने आया था. इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, लंबे समय से जांच चल रही थी. ऐसे में अब मामला सामने आया है कि 3000 से अधिक शिक्षक फर्जी हैं. उनके पास फर्जी दस्तावेज हैं. विभाग के अधिकारियों को कहा है कि इसे लेकर कड़ा एक्शन लिया जाए.
शिक्षा मंत्री ने और क्या कहा?
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग उन शिक्षकों पर ऐसी कार्रवाई करे कि आगे से कोई शिक्षक फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. अभी भी कई जांच पेंडिंग हैं. लेकिन कोई भी फर्जीवाड़ा शिक्षा विभाग बर्दाश्त नहीं करेगा. भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाई जाएगी. साथ ही आगे से जो भी बहाली होगी, उसमें प्रमाण पत्रों की जांच पहले होगी.
टीआरई-4 को लेकर क्या बोले मंत्री?
मीडिया से बातचीत के दौरान टीआरई-4 को लेकर मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, हमने अपने विभागीय अधिकारियों को 25 जुलाई तक अधियाचना तैयार करने के लिए कहा है. हमारा मानना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक अधियाचना बीपीएससी को भेंज देंगे. कम से कम 20 हजार पदों पर बहाली की जाएगी. इससे कम नहीं होगा. अगर जरूरत होगी तो इससे ज्यादा पदों पर हो सकती है.
फेज वाइज होगा शिक्षकों का ट्रांसफर
इसके अलावा आज से ट्रांसफर पोर्टल खुलने को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा, यह प्रक्रिया कई चरणों में होगी. ई-शिक्षाकोष को लेकर अधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से तबादलों में पारदर्शिता बढ़ेगी. शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल के लिए घर बैठे आवेदन कर सकेंगे. इससे रिक्तियों का सही आकलन भी हो पाएगा. 11 जुलाई को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग दी जाएगी.
