मोतिहारी में 72 लाख रुपये के चरस के साथ तीन तस्कर धराये, नेपाल से दिल्ली जाने की कर रहे थे प्लानिंग

Bihar crime news (Motihari): एसपी डॉ कुमार आशीष ने बताया कि नेपाल के रास्ते मोतिहारी होते हुए दिल्ली बस से मादक पदार्थ ले जाने की सूचना मिली, जिसके बाद सदर एसडीपीओ सदर अरुण कुमार गुप्ता नेतृत्व में छापेमारी की गयी. इस दौरान बस स्टैंड से 18 किलो चरस जब्त की गयी.

पूर्वी चंपारण: मोतिहारी के छतौनी बस स्टैंड से शुक्रवार को 18 किलो चरस के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. कस्टम सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार बरामद चरस की कीमत 72 लाख रुपये है.

गिरफ्तार तस्करों की हुई पहचान

गिरफ्तार तस्करों की पहचान रक्सौल थाने के रतनपुर निवासी सागर कुमार पांडेय, हरैया ओपी के हजमा टोला निवासी संतोष कुमार गुप्ता व पलनवा थाना के तपसि परसौना की सीमा सिंह रूप में हुई है.

नेपाल से दिल्ली जाने की थी प्लानिंग

एसपी डॉ कुमार आशीष ने बताया कि नेपाल के रास्ते मोतिहारी होते हुए दिल्ली बस से मादक पदार्थ ले जाने की सूचना मिली, जिसके बाद सदर एसडीपीओ सदर अरुण कुमार गुप्ता नेतृत्व में छापेमारी की गयी. इस दौरान बस स्टैंड से 18 किलो चरस जब्त की गयी. पूछताछ में तस्करों ने बताया कि नेपाल से चरस की खेप दिल्ली ले जा रहे थे.

क्या है चरस, कहां से आता है यह ?

चरस गांजे के पेड़ से निकला हुआ एक प्रकार का गोद या चेप है, जो देखने में मोम की तरह का और हरे अथवा कुछ पीले रंग का होता है. इसे लोग गांजे या तम्बाकू की तरह पीते हैं. चरस उत्तर पश्चिम हिमालय में नेपाल,कुमाऊं,कश्मीर से अफगानिस्तान और तुर्किस्तान में अधिक मात्रा में उत्पादित होता है. बंगाल, मध्यप्रदेश आदि देशों में और योरप में भह यह बहुत ही थोड़ी मात्रा में निकलता है. ताजा चरस मोम की तरह मुलायम और चमकीले हरे रंग का होता है पर कुछ दिनों बाद वह बहुत कड़ा और मटमैले रंग का हो जाता है.

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