सगे भाइयों ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, बच्चे की शर्ट बनी कैमूर हत्याकांड का सुराग, 48 घंटे में मिली थीं चार सिरकटी लाशें

Bihar Crime News: कैमूर में सूटकेस और बोरियों में मिले चार सिरकटे शवों की गुत्थी पुलिस ने लगभग सुलझा ली है. जांच में खुलासा हुआ है कि घरेलू कलह और जमीन विवाद में कृष्ण मुरारी गुप्ता के सगे भाइयों ने ही पूरे परिवार की हत्या कर दी.

Bihar Crime News: कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में मिले चार सिरकटे शवों की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है. इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया था. दुर्गावती नदी और अभैदे नहर किनारे सूटकेस और बोरियों में बंद हालत में मिले शवों की पहचान डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी, आठ वर्षीय बेटे और करीब तीन साल की बेटी के रूप में की गई है.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे परिवार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कृष्ण मुरारी के सगे भाइयों ने ही की थी.

घरेलू कलह और जमीन विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से जमीन और घरेलू विवाद चल रहा था. इसी रंजिश में आरोपितों ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश रची.

हत्या के बाद शवों के सिर काट दिए गए ताकि पहचान छिपाई जा सके. इसके बाद शवों को सूटकेस और बोरियों में भरकर अलग-अलग जगह फेंक दिया गया. अपराधियों ने सोचा था कि पुलिस पहचान नहीं कर पाएगी, लेकिन एक छोटे से सुराग ने पूरा मामला खोल दिया.

बच्चे की शर्ट बनी सबसे बड़ा सुराग

जब पुलिस को पहली बार लाशें मिलीं तो शवों की हालत बेहद खराब थी. पहचान कर पाना लगभग असंभव था. इसी बीच एक बच्चे की शर्ट पर आंगनबाड़ी ड्रेस जैसा पैटर्न दिखा. पुलिस ने आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच शुरू की. तब पता चला कि रामगढ़ के डहरक गांव का एक बच्चा कई दिनों से पढ़ने नहीं आया था. यहीं से पुलिस की जांच कृष्ण मुरारी के परिवार तक पहुंची.

सिलाई दुकान के टैग से जुड़ती गई कड़ियां

जांच के दौरान पुलिस को कपड़ों पर रामगढ़ बाजार की एक सिलाई दुकान का टैग भी मिला. इसके बाद पुलिस ने दुकान तक पहुंचकर जानकारी जुटाई. धीरे-धीरे सारे सुराग एक ही परिवार की ओर इशारा करने लगे. जब पुलिस डहरक गांव पहुंची तो पता चला कि कृष्ण मुरारी, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे करीब छह दिनों से गायब हैं. गांव में किसी को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. घर पर ताला जड़ा हुआ है और परिवार के सभी लोगों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं. पुलिस ने इस मकान को सील कर दिया है. वहां चौकीदारों की तैनाती कर दी गई है.

SIT ने जोड़े सबूत, कई राज्यों में छापेमारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई. टीम ने तकनीकी साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच और कई राज्यों में छापेमारी कर आरोपितों तक पहुंच बनाई. गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस अब कटे हुए सिरों की तलाश कर रही है. दुर्गावती नदी और पेट्रोल पंप के पास झाड़ियों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

इलाके में दहशत, लोगों में भारी आक्रोश

चार शवों को जिस बेरहमी से काटकर अलग-अलग जगह फेंका गया, उससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. लोग इस घटना को कैमूर के सबसे क्रूर हत्याकांडों में से एक बता रहे हैं. पुलिस ने कृष्ण मुरारी के घर को सील कर दिया है. परिवार के परिचितों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है.

कब-कब मिला शव?

10 मई 2026: दुर्गावती नदी में सूटकेस से दो शव बरामद हुए
12 मई 2026: रामगढ़ में सड़क किनारे बोरे में दो और शव मिले

कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकते हैं. फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है और हत्या में इस्तेमाल किए गए अन्य सबूत जुटाने में लगी है.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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