Bihar Cabinet: बिहार में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में कैबिनेट बैठक में दो बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है. इन दोनों परियोजनाओं में कुल 566.76 करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश होगा. इससे राज्य में प्रत्यक्ष रूप से 509 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
मधुबनी में 50 हजार टन क्षमता वाले अनाज भंडारण साइलो की स्थापना
मैसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को मधुबनी जिले के राजनगर रेलवे स्टेशन के समीप परिहारपुर में 50 हजार टन क्षमता वाले अनाज भंडारण साइलो की स्थापना के लिए स्वीकृति दी गयी है. यह परियोजना 83.25 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होगी. इसके शुरू होने पर 109 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.
बक्सर के नवानगर में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक होगा तैयार
दूसरी ओर मैसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड को बक्सर के नवानगर इंडस्ट्रियल एरिया में बड़े स्तर पर बेवरेज प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने के लिए फाइनेंसियल सब्सिडी की मंजूरी दी गयी है. कंपनी यहां कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक पेट(19.10 मिलियन केसेस), जूस आधारित पेय पदार्थ (1.8 मिलियन केसेस), पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (4.4 मिलियन केसेस), बेवरेज बेस्ड सिरप (1.0 लाख) तथा 3 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर जनरेशन प्लांट की स्थापना करेगी. इस परियोजना में 483.51 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रस्तावित है.
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बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत मिली स्वीकृति
इसके संचालन शुरू होने पर लगभग 400 ट्रेंड और अनट्रेंड लेबर को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. उद्योग विभाग के अनुसार दोनों परियोजनाओं को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत स्वीकृति दी गयी है.
इन निवेशों से न केवल राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नयी गति मिलेगी, बल्कि कृषि आधारित भंडारण व्यवस्था मजबूत होगी और खाद्य एवं पेय उद्योग के क्षेत्र में भी बिहार की उपस्थिति और सशक्त होगी.
मधुबनी में आधुनिक साइलो निर्माण से किसानों और व्यापारियों को बेहतर भंडारण सुविधा मिलेगी, जबकि बक्सर में स्थापित होने वाली बेवरेज इकाई क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का नया केंद्र बन सकती है.
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