Jehanabad News (संजय अनुराग) : जहानाबाद में 21 मई की देर रात पुलिस मुठभेड़ में एक अपराधी को गोली लगी है. दो दिन पहले जहानाबाद के भेलावर थाना क्षेत्र में दीपक कुमार नाम के युवक की हत्या कर दी गयी थी, उसी की हत्या में गिरफ्तार बिक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार को बरामद करने घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी, इसी दौरान अपराधी बिक्कू सिंह ने उसी हथियार से पुलिस पर फायरिंग कर दी.
बिक्कू सिंह की ओर से की फायरिंग में एक गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लगी, उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, पुलिस की फायरिंग में बिक्कू सिंह के बायें पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर गया. पुलिस घायल बिक्कू सिंह को लेकर पीएचसी घोसी पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जहानाबाद सदर अस्पतला में भर्ती कराया गया.
जहानाबाद सदर अस्पताल छावनी में तब्दील
जहानाबाद के एएसपी मनोज कुमार पांडे ने बताया कि दो दिन पहले दीपक कुमार की हत्या के मामले में आरोपी बिक्कू सिंह को गिरफ्तार किया गया था. उसकी निशानदेही ही पर पुलिस घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे से हथियार बरामद कर रही थी. जब अपराधी बिक्कू सिंह ने छुपाया हुआ हथियार निकाला तो उसने उसी हथियार से पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया. अपराधी की फायरिंग से निकली गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी पर लगी और गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की जो अपराधी के बाएं पैर में लगी और वह वहीं पर गिर गया. पुलिस उसे उठाकर तुरंत इलाज के लिए पहले पीएचसी घोसी ले गई और वहां प्राथमिक उपचार के बाद फिर उसे सदर अस्पताल जहानाबाद लाया गया. जहां उसका इलाज किया जा रहा है.
जहानाबाद सदर अस्पताल को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. वहां मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है. इलाज करने के लिए आने वाले रोगियों को भी पूछताछ करने के बाद केवल रोगी को अस्पताल में जाने दिया जा रहा है.
दो दिन पहले हत्या के बाद सदर अस्पताल में हुआ था हंगामा
ज्ञात हो कि दो दिन पहले भेलावर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दीपक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी इसके बाद सदर अस्पताल में काफी बवाल हुआ था. सदर अस्पताल के डॉक्टर उसके शव का पोस्टमार्टम पीएमसीएच पटना में भेज कर करने की बात कर रहे थे, जबकि पुलिस और मृतक के परिजन जहानाबाद में ही पोस्टमार्टम करने के लिए अड़े थेण् इसके बाद पुलिस पर डॉक्टर के साथ बदसुलूकी का भी आरोप लगा. इसके विरोध में इमरजेंसी के डॉक्टर अस्पताल छोड़कर चले गए जिसके कारण इमरजेंसी सेवा बाधित हुई. अगले दिन डॉक्टरो ने सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा को चार घंटे तक बंद रखा. बाद में पुलिस प्रशासन और डॉक्टर के बीच समझौते के बाद ओपीडी सेवा बहाल हो सकी.
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