1-2 कट्ठा जमीन वाले किसान भी करा लें फार्मर रजिस्ट्री, नहीं तो अटक सकता है सरकारी योजनाओं का लाभ

Bihar Bhumi: बिहार में छोटे और सीमांत किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी हो गई है. डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि 1-2 कट्ठा जमीन वाले किसान भी रजिस्ट्री कराएं, ताकि उन्हें पीएम किसान, उर्वरक और धान खरीद समेत सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.

Bihar Bhumi: बिहार में अब छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री बेहद जरूरी हो गई है. जिन किसानों के पास कम जमीन है, वे भी इस प्रक्रिया से बाहर नहीं हैं. मुजफ्फरपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीएम सुब्रत कुमार सेन ने साफ कहा कि खेती के लिए एक या दो कट्ठा जमीन खरीदने वाले लोग भी किसान की श्रेणी में आते हैं. यदि उनके नाम पर जमाबंदी है तो उन्हें अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री करानी चाहिए.

डीएम ने कहा कि यह धारणा गलत है कि केवल बीघा या एकड़ में जमीन रखने वाले ही किसान कहलाते हैं. सरकार चाहती है कि हर पात्र किसान को योजनाओं का लाभ मिले, इसलिए छोटे किसानों को भी रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल होना जरूरी है.

उर्वरक से लेकर पीएम किसान तक मिलेगा फायदा

डीएम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को उर्वरक वितरण, धान अधिप्राप्ति, पीएम किसान सम्मान निधि योजना समेत कई सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की.

मुजफ्फरपुर में अब तक फार्मर रजिस्ट्री के तहत 2 लाख 74 हजार 321 किसानों का निबंधन किया जा चुका है. इनमें पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े 1 लाख 41 हजार 185 किसान शामिल हैं.

जिले में चार लाख से अधिक पीएम किसान लाभुक

प्रेस वार्ता में डीएम ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल लाभुक किसानों की संख्या 4 लाख 16 हजार 805 है. वहीं अब तक 4 लाख 55 हजार 975 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना से जुड़े 2 लाख 93 हजार 899 किसानों का ई-केवाईसी कार्य भी पूरा हो चुका है. प्रशासन लगातार छूटे हुए किसानों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है.

19 मई से शुरू होगा ‘सहयोग शिविर’

डीएम ने जानकारी दी कि सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत 19 मई से जिले में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान करना है. शिविरों की निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में ‘सहयोग सेल’ का गठन किया गया है.

आम लोगों के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर 1100

लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने निःशुल्क सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया है. डीएम ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस सुविधा का लाभ उठाएं.

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Published by: Abhinandan Pandey

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