बिहार : कुप्रथा खत्म करने का आह्वान : संत बाल विवाह व दहेज प्रथा को रोकें : नीतीश कुमार

आरा : आरा के चंदवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए.नीतीश कुमार ने संत समाज का आह्वान करते हुए कहा कि वे दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ आगे आएं, क्योंकि कुटिया से निकलने वाले संदेश का समाज पर गहरा प्रभाव […]

आरा : आरा के चंदवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए.नीतीश कुमार ने संत समाज का आह्वान करते हुए कहा कि वे दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ आगे आएं, क्योंकि कुटिया से निकलने वाले संदेश का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है. संतों के आशीर्वाद से देश और समाज का विकास होता है. एक हजार वर्ष पहले जो संदेश रामानुजाचार्य जी ने दिया था, उनके सहस्राब्दी महोत्सव के अवसर पर वही जीयर स्वामी द्वारा दिया जा रहा है. इस मंच से जो संदेश जायेगा, उसका असर बिहार के साथ-साथ पूरे देश में दिखेगा. मेरा सहयोग पूरी तरह से है और रहेगा.
धर्म सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अलग- अलग सत्र में पहुंचे थे. सम्मेलन में देश- विदेश के हजारों संत और विभिन्न कोनों से आये लाखों भक्तों का जमावड़ा है.
इसके अलावा कई केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्री सम्मेलन में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे बिहार की जनसंख्या करीब 12 करोड़ है और इस यज्ञ व धर्म सम्मेलन में एक करोड़ से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं.
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संतों का भारतीय समाज पर कितना गहरा प्रभाव है. यह बिहार के लिए गौरव की बात है. बिहार ने कई बड़ी विभूतियों को पैदा किया है. महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर को यहीं ज्ञान प्राप्त हुआ और भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण भी हुआ.
धर्म सम्मेलन में बुधवार को मुख्यमंत्री और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री व स्थानीय सांसद आरके सिंह, राज्य सरकार के मंत्री नंदकिशोर यादव, जयकुमार सिंह व विनोद कुमार कुशवाहा, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार भी शामिल हुए.

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