-वर्ष 2015 में 300, तो 2025 में 1466 महिलाओं ने बनवाया ड्राइविंग लाइसेंसललित किशोर मिश्र, भागलपुर
शहर की सड़कों पर हर दिन भागती जिंदगी वैसी ही है, जैसी पहले हुआ करती थी. हां, समय से आगे निकलने की रफ्तार अपेक्षाकृत तेज नजर आती है. जो सबसे महत्वपूर्ण फर्क दिखता है, वह है अब स्टीयरिंग और हैंडल संभालने के काम में महिलाओं की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है. उनकी ड्राइविंग में को झिझक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास दिखता है. इसके आंकड़े जानने के लिए जब ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने वाले जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे, तो चौंकानेवाली संख्या मिली. वर्ष 2015 में ड्राइविंग लाइसेंस लेने वाली महिलाओं की संख्या महज 300 थी. इसके 10 वर्ष बाद 2025 में 1466 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया.इसे आत्मविश्वास में वृद्धि कहिए
महिलाओं की वाहन चलाने में बढ़ी संख्या की वजह भी उत्साहित करने वाली है. वह अब घर से बाहर के काम सिर्फ पुरुषों के भरोसे नहीं छोड़ती हैं. रीना बताती हैं, उनके खंजरपुर मोहल्ले में वह स्कूटी चलाने वाली वह अकेली महिला नहीं हैं. प्राय: हर चौथे-पांचवें घरों की महिलाएं या युवतियां स्कूटी या चारपहिया वाहन चलाती हैं. अब वह सरकारी या प्राइवेट जॉब कर रही हैं. खुद से वाहन चलाते हुए दफ्तर जाती हैं. बच्चों को स्कूल छोड़ना भी आवश्यक ड्यूटी में शामिल हो गया है. बाजार से सब्जी या राशन लाने जैसे छोटे-मोटे काम भी वह कर रही हैं. रीना कहती हैं कि इसमें पुरुषों से मुकाबले जैसी कोई बात नहीं है. वह इसे आत्मविश्वास और हौसले में वृद्धि मानती हैं.महिलाएं संभाल रहीं ये काम
–भाई से लिफ्ट नहीं मांगतीं, खुद किक लगा रहीं और कॉलेज जा रहीं–बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए पति के जगने का इंतजार नहीं करतीं–मार्केटिंग करने जाना हो या सहेलियों के घर, खुद ही जाती हैं
–कई महिलाएं अपने कार्यालय के लिए अपनी गाड़ी का कर रहीं इस्तेमालड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में भी महिलाओं व लड़कियों की बढ़ी संख्या
भागलपुर के हैवी ड्राइविंग स्कूल के निदेशक हीरा लाल ने बताया कि पांच साल पहले तक चार, दो व तीन पहिया वाहनों सीखने के लिए पुरुषों की संख्या के आगे महिलाओं की संख्या बहुत कम थी. लेकिन पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या बहुत अधिक बढ़ी है. इसमें स्कूटी सीखने के लिए युवतियां काफी आ रही हैं.10 वर्षों में महिलाओं को जारी ड्राइविंग लाइसेंस
वर्ष : डीएल की संख्या2015 : 300
2016 : 3282017 : 3522018 : 3082019 : 4792020 : 6872021 : 1063
2022 : 12322023 : 9842024 : 1103
2025 : 1466(आंकड़े का स्रोत : जिला परिवहन कार्यालय)
