bhagalpur news. हर तरह की हिंसा में सबसे अधिक महिलाएं पीड़ित, संघर्ष ही रास्ता

हर तरह की हिंसा में सबसे अधिक महिलाएं पीड़ित हैं. इससे मुक्ति का एकमात्र रास्ता संघर्ष है.

महिला दिवस केवल महिलाओं के लिए अपने संघर्ष को याद करने और संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए संकल्प लेने का दिन ही नहीं है बल्कि हरेक समतावादी का आज दिन है. दुनिया में चल रहे समता के आंदोलन को महिला दिवस गति देता है. हर तरह की हिंसा में सबसे अधिक महिलाएं पीड़ित हैं. इससे मुक्ति का एकमात्र रास्ता संघर्ष है. उक्त बातें रविवार को वक्ताओं ने कला केंद्र में परिधि की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला चौपाल कार्यक्रम में कही. सरिता सिंह ने कहा कि महिला आज भी पुरुषों के बराबर अधिकार पाने के लिए लड़ रही हैं. संचालन करते हुए सुषमा ने कहा कि हम दुनिया में आधी आबादी हैं, इसलिए महिलाओं को काज में भी आधा चाहिए और राज में भी आधा चाहिए. एसएम कॉलेज संगीत विभाग की डॉ अमृता प्रियंवदा ने अपनी कविता संग्रह से एक कविता पीड़ा का पाठ किया. अनीता शर्मा ने कहा कि हर तरह की हिंसा में सबसे अधिक महिलाएं पीड़ित होती है. डॉ अलका सिंह ने कहा कि आज महिलाओं के जीत और संघर्ष को याद करने का दिन है. मृदुल सिंह, पूर्व महापौर डॉ वीणा यादव, ज्योति खंडेलवाल, पूनम राय, वीणा सिंह पटेल, सरस्वती देवी, अमिता वर्मा, कुमकुम कुमारी, राज लक्ष्मी, शांति, अनीता शर्मा, सरिता साह, दिव्या गुप्ता, रेखा देवी, एमजी शिखा, सुमित्रा देवी,उजमा कौसर, फिजा, समा परवीन, लाडली राज, प्रिया साह आदि उपस्थित थीं. महिला समन्वय समिति ने किया प्रतिवाद सभा का आयोजन महिला समाज और महिला समन्वय समिति, भागलपुर की ओर से पटेल चौक, समाहरणालय गेट पर प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संयोजन महिला विकास संस्थान की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने किया. महिला समन्वय समिति भागलपुर की अध्यक्ष सरिता सिन्हा ने कहा कि अधिकार मांगने से नहीं मिलता है. इसके लिए संघर्ष करना पड़ता है. नागरिक परिषद की वीणा सिन्हा पटेल ने कहा कि हमें बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए. गांधी शांति प्रतिष्ठान के सह सचिव संजय कुमार, पूनम सिन्हा, अनीता शर्मा, सरिता सिन्हा, शैलजा कुमारी, पूनम श्रीवास्तव, सरस्वती, सुमित्रा देवी, शांति देवी, बीवी कैशर, बीवी अफसाना आदि उपस्थित थीं. वहीं समवेत की ओर से खैरपुर खरीक में लड़कियों की भागीदारी हमारी जिम्मेदारी विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संस्कृतिकर्मी वर्षा ने कहा कि लड़कियों की समान भागीदारी और निर्णय की स्वतंत्रता से ही समाज में समानता संभव है. अधिवक्ता सिम्मी कुमारी ने महिलाओं के अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए, तभी वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगी. निदेशक विक्रम, करिश्मा कुमारी, पुष्पा कुमारी, अबोध कुमार व सन्हौला प्रखंड की सामुदायिक कार्यकर्ता नीतू मुर्मू, आशा कुमारी, राहुल कुमार आदि उपस्थित थे. वहीं दृष्टि विहार की ओर से सरस्वती सोनी की अध्यक्षता में महिला सशक्तीकरण को संबल बनाने के लिए मंजूषा सह मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इस मौके पर पायल, मनामती, सीता, साकेत, रश्मि विश्वकर्मा, ललित शाह, संगीता शाह, सोनी साह, रीना देवी, कविता साह आदि उपस्थित थीं.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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