ऋषव/अतुल (भागलपुर ). विक्रमशिला सेतु पर बुधवार रात 10 बजे से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया. निर्धारित समय होते ही सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों को वॉकी-टॉकी के माध्यम से अधिकारियों का निर्देश मिला कि तत्काल सभी वाहनों का परिचालन रोक दिया जाए. इस दौरान जो वाहन पहले से पुल पर चढ़ चुके थे, उन्हें सुरक्षित दूसरी ओर निकलने की अनुमति दी गयी. महज पांच मिनट के भीतर पूरा विक्रमशिला सेतु खाली करा लिया गया और इसके बाद एनआइटी पटना की निगरानी में बेली ब्रिज के मेंटनेंस का कार्य शुरू कर दिया गया.
आवागमन बंद होने से पहले ही रात करीब 9.55 बजे जीरोमाइल और जाह्नवी चौक पर पुलिस ने वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था. जाह्नवी चौक की ओर अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा, जबकि भागलपुर से नवगछिया जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन चालक पुल पार करने की उम्मीद में पहुंचते रहे. मौके पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतार लग गयी. कई लोग पुलिसकर्मियों से विशेष परिस्थिति का हवाला देकर पुल पार कराने की गुहार लगाते रहे.
पुल बंद होने से हुई परेशानी
नारायणपुर निवासी अमरेश कुमार झा ने बताया कि उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और वह भागलपुर से दवा लेकर लौट रहे थे, लेकिन पुल बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई यात्री वाहन से उतरकर पैदल ही बेली ब्रिज तक पहुंच गये, लेकिन मेंटनेंस कार्य में लगी टीम ने सुरक्षा कारणों से उन्हें भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी.
तकनीकी मरम्मत में जुटे रहे कर्मी
सेतु पर आवागमन बंद होते ही एनआइटी पटना की टीम तथा समानांतर पुल निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के इंजीनियर और कर्मी बेली ब्रिज पर पहुंच गये. अधिकारियों की निगरानी में एक साथ कई टीमों ने मरम्मत कार्य शुरू किया. कुछ कर्मी वेल्डिंग करते नजर आये, जबकि अन्य कर्मी बेली ब्रिज के विभिन्न हिस्सों में नट-बोल्ट कसने और तकनीकी मरम्मत में जुटे रहे. क्षतिग्रस्त हिस्से पर बिछायी गयी लोहे की प्लेटों को भी हटाकर आवश्यक मरम्मत की गयी. पूरे कार्य के दौरान ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप कर स्थिति की निगरानी करते रहे.
इधर, पुल बंद होने की जानकारी मिलने पर देर रात कई लोग बरारी घाट भी पहुंचे और नाव के माध्यम से गंगा पार करने की संभावना तलाशने लगे. हालांकि वहां किसी प्रकार की नाव सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा. पुल बंद रहने से रातभर यात्रियों और वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
