Bhagalpur News. शिक्षकों को लंबित वेतन भुगतान करने या नहीं करने का कारण बताते हुए पास होगा ऑर्डर

सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वीसी व रजिस्ट्रार.

By KALI KINKER MISHRA | January 9, 2026 11:10 PM

टीएमबीयू—चौथे चरण में अंगीभूत हुए कॉलेजों की सेवा व बकाया भुगतान मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए टीएमबीयू के प्रभारी वीसी व रजिस्ट्रार

चाैथे चरण में अंगीभूत काॅलेजाें की सेवा और बकाया भुगतान मामले में अवमानना के केस में सुप्रीम काेर्ट में शुक्रवार काे टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्राे बिमलेंदु शेखर झा व रजिस्ट्रार प्राे रामाशीष पूर्वे पेश हुए. विवि ने अपने वकील के माध्यम से संबंधित मामले की अब तक की स्थिति की रिपाेर्ट काेर्ट को सौंपी.

सुनवाई के दौरान एसएसवी काॅलेज की शिक्षक रहीं डाॅ मीरा सिंह का मामला लिस्ट पर पहले आया. काेर्ट ने विवि के अधिकारियाें से पूर्व में दिये आदेश का पालन नहीं करने का कारण पूछा. रजिस्ट्रार ने बताया कि जब आदेश जारी हुआ था, उस समय प्रो जवाहर लाल कुलपति थे. पहले तो प्रो लाल ने ध्यान नहीं दिया. बाद में यह कहकर टाल दिया कि उनका टर्म पूरा हाेने वाला है. काेर्ट ने पूछा कि वर्तमान कुलपति ने पालन क्यों नहीं किया. इस सवाल पर विवि ने काेर्ट से मोहलत मांगी. काेर्ट ने मीरा सिंह के मामले में विवि काे चार हफ्ते में रिपाेर्ट सौंपने का आदेश दिया.

रजिस्ट्रार ने बताया कि अब प्रभारी कुलपति भुगतान करने या नहीं करने का रिजंड (कारण बताते हुए ) ऑर्डर पास करेंगे. इसके बाद रिपाेर्ट काेर्ट को सौंपी जायेगी. टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच के संयाेजक डाॅ पवन कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1980 से 90 के बीच के कुछ काॅलेजाें के कर्मियाें की सेवा काे लेकर जस्टिस अग्रवाल कमेटी ने जाे श्रेणी बनायी थी, उसमें सबाैर काॅलेज में शिक्षक रहीं मीरा सिंह की श्रेणी में काेई स्पष्ट वर्णन नहीं हाेने के आधार पर उनकी नाैकरी गलत बताकर वेतन राेक दिया गया था. बाद में उनका ट्रांसफर एसएसवी काॅलेज हाे गया. वेतन के लिए वे हाईकाेर्ट गईं. फैसला पक्ष में आया, लेकिन विवि ने लागू नहीं किया. शिक्षक सुप्रीम काेर्ट की शरण में गयीं. फैसला फिर पक्ष में आया. लेकिन इस बार प्रो जवाहर लाल ने कुछ नहीं किया. फिर शिक्षक ने अवमानना का केस किया था.

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