bhagalpur news. जवारीपुर में युवक ने फंदे से लटक कर दी जान
तिलकामांझी थाना क्षेत्र के जवारीपुर मोहल्ले में रविवार को प्रमोद सिंह के पुत्र जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंगल (30) ने फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली है.
By NISHI RANJAN THAKUR | Updated at :
पुत्री की बीमारी के कारण थी आर्थिक तंगी तो दूसरी तरफ घर में था कलह का माहौल
तिलकामांझी थाना क्षेत्र के जवारीपुर मोहल्ले में रविवार को प्रमोद सिंह के पुत्र जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंगल (30) ने फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली है. सुबह 10 बजे तक जितेंद्र अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को शक हुआ. परिजनों ने दरवाजे से झांक कर देखा तो वह फंदे से लटक रहा था. परिजनों ने तिलकामांझी थाना पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक जांच करने के बाद युवक के शव को फंदे से नीचे उतारा फिर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया. जानकारी मिली है कि कमरे में छत के पास रखे गये बांस में ओढ़नी से फंदा बना कर जितेंद्र ने फांसी लगायी थी. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कपड़े और जितेंद्र की मोबाइल समेत अन्य सामग्रियों को जब्त कर लिया है. जांच कर रहे पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस मामले की छानबीन करने में जुट गयी है.पुत्री का देश के कई बड़े शहरों में इलाज करवाया, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुईपरिजनों ने बताया कि दो वर्ष पहले टाटा मोटर में काम करने वाले जितेंद्र की शादी हाउसिंग बोर्ड निवासी काजल से हुई थी. शादी के बाद एक पुत्री हुई. जन्म लेने के छह माह बाद ही पता चला कि पुत्री चमकी बीमारी से ग्रसित है. जितेंद्र ने अपनी पुत्री का देश के कई बड़े शहरों में इलाज करवाया, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुई. इलाज के क्रम में ही बाहर रहने के कारण उसकी नौकरी भी छूट गयी. चार माह से वह बेरोजगार था. होली के एक दो दिन पहले भी जितेंद्र की पुत्री गंभीर हो गयी थी. उसे इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जितेंद्र की पत्नी और उसकी पुत्री हाउसिंग बोर्ड में थी. जितेंद्र की मां अनीता देवी ने बताया कि इन दिनों जितेंद्र के ससुराल वाले उसकी पुत्री को सिलीगुड़ी में दिखाने को बोल रहे थे. करीब एक लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा जा रहा था. अनीता देवी ने बताया कि शनिवार की रात जितेंद्र ने पैसों के इंतजाम को लेकर चिंता भी व्यक्त की थी. अनीता देवी ने कहा कि अक्सर इलाज के लिए पैसे की डिमांड की जाती थी, जिसके बाद जितेंद्र डिप्रेशन में चला जाता था. पैसों को लेकर ही अक्सर जितेंद्र का उसकी पत्नी के साथ झगड़ा होता था. दूसरी तरफ यह बात भी सामने आयी है कि जितेंद्र को शराब की लत थी, इस कारण भी अक्सर घर में कलह होता था. जितेंद्र के पिता प्रमोद सिंह ने बताया कि इलाज के लिए एक लाख की मांग की जा रही थी, इसी कारण जितेंद्र अवसाद ग्रस्त था. पिता ने यह भी बताया कि शादी के बाद से ही जितेंद्र का उसके ससुराल पक्ष के साथ विवाद होता था. कई बार तो विवाद इतना बढ़ गया कि बांड भी भरवाया गया था.शनिवार की रात पूरी तरह से सामान्य था जितेंद्रजितेंद्र की मां व अन्य परिजनों ने बताया कि रात्रि में जितेंद्र साढ़े आठ बजे घर आया था. उसने खाना खाया. पुत्री के इलाज के लिए पैसे की व्यवस्था को लेकर वह चिंतित जरूर था. रात्रि में ही उसने अपनी मां को बताया था कि वह सुबह नानी के यहां जायेगा. खाना खाने के बाद वह सोने चला गया था. मां अनीता देवी ने बताया कि सुबह 6.30 बजे वह जितेंद्र को जगाने के लिए छत पर गयी थी. लेकिन दरवाजा खटखटाने के बाद भी वह जगा नहीं. अक्सर वह नौ बजे जगता था. लेकिन जब 10 बजे भी जितेंद्र ने दरवाजा नहीं खोला तो उनलोगों को शक हुआ. जितेंद्र दो भाई और एक बहन है. जितेंद्र के एक भाई धर्मेंद्र मोकामा में काम करते हैं और वहीं रहते हैं. घटना की सूचना मिलते ही जितेंद्र की पत्नी काजल जवारीपुर पहुंची थी. जितेंद्र का शव देखते ही उसकी हालत खराब हो गयी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.