पीजी हेड को सीनेट सदस्य बता बनाया यूआर

टीएमबीयू ने 12 बीएड कॉलेजों के लिए विवि प्रतिनिधि (यूआर) बनाये हैं. विवि से निकाली गयी पहली सूची के अनुसार ऐसे शिक्षक जो सीनेट सदस्य नहीं हैं,

टीएमबीयू ने 12 बीएड कॉलेजों के लिए विवि प्रतिनिधि (यूआर) बनाये हैं. विवि से निकाली गयी पहली सूची के अनुसार ऐसे शिक्षक जो सीनेट सदस्य नहीं हैं, उनका भी नाम यूआर में सीनेट सदस्य के रूप में दिया गया था, जबकि वे पीजी विभाग के हेड हैं. जब मामला प्रकाश में आया, तो त्रुटि बताकर सुधार किया गया. पहली सूची के अनुसार सीनेट सदस्य बताकर प्राे रंजना काे डीएलएस शिक्षा महाविद्यालय बाराहाट इशीपुर, डाॅ एसडी झा काे न्यू हाेराइजन काॅलेज ऑफ एजुकेशन कजरैली व डाॅ निरंजन प्रसाद यादव काे सिंधु काॅलेज ऑफ एजुकेशन बाैंसी बांका में विवि का यूआर बनाया गया था. कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ संजय कुमार झा ने कहा कि टंकन में भूलवश के कारण तकनीकी त्रुटि हो गयी थी. त्रुटि को सुधार कर विवि से नयी संशोधित अधिसूचना जारी कर दी गयी है. उनके नाम के आगे पीजी हेड लिख दिया गया है. उधर, विवि के एक जानकार अधिकारी ने कहा कि पीजी हेड को किसी बीएड कॉलेज की प्रबंध समिति में यूआर बनाने का विशेषाधिकार कुलपति के पास होता है. विवि अधिनियम 1976 के संशोधन संख्या तीन 1990 के अनुसार संबद्ध कॉलेज के यूआर नियुक्त होने के लिए कोई विशेष योग्यता निर्धारित नहीं की गयी है. सिंडिकेट-कुलपति को विशेषाधिकार है कि यूआर नियुक्त कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >