– एक्साइज कोर्ट वन में चल रहा था मामला, दस वर्ष बाद आया फैसला
भागलपुर व्यवहार न्यायालय के एक्साइज कोर्ट वन सौरभ कुमार वर्मा की अदालत ने शराब बरामदगी मामले में दो अभियुक्तों को पांच – पांच वर्ष सश्रम कारावास और एक – एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी है. सजा पाने वाले अभियुक्तों में बरारी थाना क्षेत्र के रूफी खान उर्फ कामरान खान और बेचू खान उर्फ तनवीर खान हैं. दोनों अभियुक्तों को उत्पाद अधिनियम की धारा 30 (ए) के तहत दोषी करार दिया गया था. शनिवार को सजा के बिंदुओं पर सुनवाई हुई. अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में तीन तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.न्यायालय की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक वासुदेव प्रसाद साह और विशेष अपर लोक अभियोजक ईश्वरचंद्र झा अभियोजन संचालन कर रहे थे. मामले की प्राथमिकी वर्ष 2016 में कोतवाली थाने में दर्ज की गयी थी. 30 अक्तूबर 216 को कोतवाली के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने छापेमारी कर दोनों अभियुक्तों को 29 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया था. कांड के अनुसंधानकर्ता सहायक अवर निरीक्षक राजीव रंजन कुमार थे.शादी की नीयत से अपहरण कर यौन शोषण मामले में दस वर्ष सश्रम कारवास
वर्ष 2018 में घोघा थाना क्षेत्र के एक गांव से शादी की नीयत से लड़की का अपहरण कर याैन शोषण के मामले में व्यवहार न्यायालय की संबंधित अदालत ने अभियुक्त नीरज कुमार को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. अभियुक्त को भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 366 और 376 के तहत दोषी करार दिया गया था. धारा 376 में अभियुक्त को दस वर्ष सश्रम कारवास की सजा, 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गयी है. अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी. धारा 366 में दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गयी है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा की बात न्यायाधीश ने अपने फैसले में कही है. सभी सजाएं साथ साथ चलने की बात कही गयी है.हत्याकांड का आरोपित रिहा
सन्हौला थाना क्षेत्र में 21 मई 1992 को हुई संझो दास हत्याकांड में एक अभियुक्त बहादुर दास को रिहा कर दिया है. डिफेंस लॉयर शशिकला ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला एडीजे 11 की अदालत में चल रहा था. हत्याकांड के बाद से ही आरोपित बहादुर दास फरार चल रहा था. पिछले वर्ष वह गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद सुनवाई शुरू की गयी. सुनवाई के बाद बहादुर दास को न्यायाधीश ने रिहा करने का आदेश दिया है.
