पक्षी दिवस पर विशेष
ज्यों-ज्यों ठंड बढ़ती जा रही है, त्यों-त्यों प्रवासी पक्षियों का कलरव गंगा दियारा व नवगछिया के जगतपुर झील में सुनायी पड़ने लगे हैं. गुलाबी ठंड के बीच प्रवासी व देसी पक्षियों की विविधता देखने को मिल रही है. ऑस्प्रे, बूटेड इगल, फॉल्कॉन, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, गार्गेनी व देसी पक्षियों में पनकौआ, लोहा सारंग, छोटी व बड़ी सिल्ही जैसे पक्षियों का झुंड पहुंच चुका है. ऐसे में पर्यटक भी आकर्षिक होने लगे हैं. 12 नवंबर को पक्षी दिवस है. पक्षी विशेषज्ञों की मानें तो भागलपुर में पक्षियों के अनुकूल जलवायु, जल की उपलब्धता, भोजन की प्रचुरता व सुरक्षा है. पक्षियों पर शोध करने वाले राहुल रोहिताश्व के नेतृत्व में जगतपुर झील का युवाओं ने दियारा व झील का भ्रमण किया. यहां स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों का अध्ययन किया. बताया कि बाढ़ के बाद यहां कीट – पतंगों की भरमार है. पक्षियों के लिए प्रचुर मात्रा में भोजन भी उपलब्ध है. अभी उतनी ठंड नहीं पड़ी है, लेकिन उपयुक्त जलवायु के अनुसार पक्षियों का आना शुरू हो गया है. लेसर व्हिस्लिंग डक, पर्पल हेरोन, ग्रे हेरोन, लिटिल कॉरमोरेंट, रेड लैपविंग, ब्लैक काईट, यूरेसियन मूरहेन, पर्पल मूरहेन, रेड नेपेड आईबिस, टेलर बर्ड, ब्लैक हेडड ओरीऑल, कैटल एग्रेट, जंगल बैबलर, ब्लैक ड्रोनगो देखे गये. प्रवासी पक्षियों में 60 से 70 की संख्या में कॉमन कूट पक्षी तथा एक वेस्टर्न मार्श हारियर भी देखा गया.पर्यटकों को तिललियां कर रही आकर्षितपर्यावरण प्रेमी राजा बोस ने बताया की जगतपुर झील पक्षियों के साथ-साथ तितलियों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. यहां तितलियों की 15 से भी ज्यादा प्रजातियों का अध्ययन किया गया. इसमें ओरमुख हैं कॉमन टाइगर, प्लेन टाइगर, लाइम बटरफ्लाई, कॉमन स्वॉलोटेल, लेपर्ड बटरफ्लाई, लाइम बटरफ्लाई, पीकॉक पैनज़ी, कॉमन मोरमों, ब्लू पैनज़ी, ब्लू मून, कॉमन ग्रास येलो, कॉमन जेजेबेल, कॉमन एमीग्रांट आदि शामिल हैं. इस दल में राहुल रोहिताशव, राजा बोस, विजय वर्धन, स्तुति गुप्ता, नम्रता वर्धन, ज्योति गुप्ता शामिल थे.
बर्डमैन डॉ सलीम अली पर जारी डाक टिकट का किया कलेक्शनसंपूर्ण जंतु जगत या एनिमल किंगडम में पक्षियों का एक महत्वपूर्ण तथा विशिष्ट स्थान है. पक्षी मानव या बर्डमैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर डॉ सलीम अली के जन्मदिन 12 नवंबर को पक्षी दिवस मनाया जाता है. 12 नवंबर 1896 को बंबई के एक सुलेमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में उनका जन्म हुआ था. उनके नाम पर सरकार की ओर से जारी डाक टिकट का संग्रह राहुल रोहिताश्व ने किया है. उन्होंने बताया कि भारतीय डाक विभाग ने भी उनके ऊपर समय-समय पर कई डाक टिकट व स्पेशल कवर जारी किया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
