bhagalpur news. पीएम किसान योजना के लाभुक के खाते से पैसे की निकासी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

पीएम किसान सम्मान निधि के लाभुकों के खाते से अवैध रूप से रकम की निकासी करने वाले गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है

पीएम किसान सम्मान निधि के लाभुकों के खाते से अवैध रूप से रकम की निकासी करने वाले गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है. पुलिस ने दो आरोपितों को 6.33 लाख रुपये की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपितों में मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के मारूफचक निवासी अर्जुन तांती का पुत्र अमर कुमार तांती और वारसलीगंज निवासी महेंद्र साह का पुत्र राहुल कुमार है. पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से नकदी के अलावा एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक बायोमैट्रिक मशीन, एक मोबाइल, प्रिंटर, दस पीस एटीएम कार्ड, 12 बैंक खाते, एक नोटबुक बरामद किया है. नोटबुक में लाभुकों से संबंधित गोपनीय जानकारी को लिख कर रखा गया है. मालूम हो कि 28 फरवरी को इशीपुर बाराहाट के बदलूगंज निवासी चंदन कुमार साह ने पीएम किसान सम्मान निधि की रकम की अवैध निकासी हो जाने की शिकायत की थी. शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर साइबर थाना पुलिस हरकत में आयी थी. पुलिस कार्रवाई की बाबत एक प्रेस वार्ता में सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में साइबर डीएसपी कनिष्क कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और छानबीन शुरू की गयी. छानबीन के क्रम में साइबर बदमाशों की कलई परत दर परत खुलती चली गयी. साइबर थाना पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया. जिन किसानों का पैसा केवाईसी की वजह से रूका, उनके नाम से खाता बना कर हो रही थी सेंधमारी पुलिस छानबीन में बात सामने आयी है कि जिन किसानों का केवाईसी अपडेट नहीं था, उन किसानों के नाम से एक नया खाता खोल कर साइबर ठग किसान सम्मान निधि की रकम उसी खाते में मंगवा कर निकासी कर लेते थे. इस क्रम में साइबर बदमाश किसानों का आधार से संबंधित पूरा डिटेल लेकर एक नया खाता ही खोल देते थे और उस खाते को अपने कब्जे में ले लेते थे. किसान सोचते मेरा पैसा तकनीकी कारणों की वजह से नहीं आ रहा है तो दूसरी तरफ उनका पैसा साइबर ठग के पास चला जाता है. यह बात तब खुली जब लाभुक ने संबंधित कार्यालय जा कर किसान सम्मान निधि के रकम के आवंटन की जानकारी ली. पता चला कि जिन किसानों के खाते में रकम नहीं भी आयी है, उन्हें लाभुक के रूप में दिखाया गया है. प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ने बताया कि इस गिरोह का तकनीकी रूप से अमर और राहुल संचालित करते थे. जानकारी मिली है कि दोनों ने एक ऑफिस के तरह अपने ठिकानों को विकसित कर लिया था. उक्त कांड में पुलिस आगे की छानबीन कर रही है. आये दिन और लोगों की भी गिरफ्तारी होनी है. छापेमारी अभियान में साइबर डीएसपी कनिष्क कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अवर निरीक्षक शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रामकृष्ण, रंजीता कुमारी, सिपाही मो आशिफ, विपिन सिंह, रघुवीर कुमार, रवि कुमार, तकनीकी टीम में पुलिस निरीक्षक राकेश कुमार, सिपाही धर्मेंद्र कुमार, नीतीश कुमार शामिल थे.

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Published by: Atul kumar

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