Bhagalpur News: टीएनबी कॉलेज कर्मी हत्याकांड का नामजद संजीव झा गिरफ्तार
टीएनबी कॉलेज परिसर में रविवार की रात कॉलेज के तृतीय वर्गीय कर्मचारी प्रभु नारायण मंडल की हत्या मामले का आरोपित संजीव झा गिरफ्तार कर लिया गया है.
– पूर्व में हुई घटना में जेल भिजवाने पर बदला लेना चाहता था संजीव, सोशल मीडिया पर खुद को डॉन बता चैलेंज भरा पोस्ट डाला- पूर्व में हुई हत्या के प्रयास मामले में प्रभु की निशानदेही पर संजीव की हुई थी गिरफ्तारी, हत्या कर इसी का लिया बदला
संवाददाता, भागलपुर
टीएनबी कॉलेज परिसर में रविवार की रात कॉलेज के तृतीय वर्गीय कर्मचारी प्रभु नारायण मंडल की हत्या मामले का आरोपित संजीव झा गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार विवि पुलिस ने तड़के सुबह आरोपित को गिरफ्तार किया. जिससे सोमवार को दिनभर पूछताछ की जाती रही. मामले में पुलिस घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस द्वारा अब तक की गयी जांच में आपसी प्रतिद्वंद्विता और दुश्मनी को लेकर हत्या किये जाने की बात सामने आयी है. पुलिस को संजीव झा का एक सोशल मीडिया पोस्ट भी मिला है. घटना के ही दिन डाले गये पोस्ट में आपसी दुश्मनी को लेकर भड़काऊ बयान है. जिसमें संजीव झा की किसी से गहरी दुश्मनी को भी दर्शाया गया है.मामले में परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने संजीव झा को नामजद अभियुक्त बनाया है. विवि थानाध्यक्ष एसआइ सुप्रिया कुमारी ने बताया कि नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है. मंगलवार को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जायेगा. घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है. घटना का कारण आपसी दुश्मनी बताया गया है. सोमवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. जहां से परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये. वहीं प्रभु नारायण मंडल के नसरथखानी स्थित पैतृक आवास पर मातम का माहौल था. जहां मृतक की मां विलाप करते हुए संजीव झा को फांसी देने की गुहार लगाती रही.
संजीव झा का रहा है आपराधिक इतिहास, जेल से जमानत पर आया था बाहर
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सात साल पहले संजीव झा ने उसी क्वार्टर में रहने वाले अरुण मंडल पर गोली चला कर उसकी हत्या करने की कोशिश की थी. मामले में केस दर्ज किया गया था, जिसमें संजीव झा को आरोपित बनाया गया था. लोगों ने बताया कि उस वक्त प्रभु के सहयोग से पुलिस ने संजीव झा को गिरफ्तार किया था. इसी बात काे लेकर संजीव झा ने बदला लेने के लिए उसे मौत के घाट उतार दिया. लोगों ने यह भी बताया कि जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद संजीव झा कमाने के लिए दिल्ली चला गया था. जहां दो सालों तक काम करने के बाद वह वापस लौटा था. उसने मौका पाकर प्रभु की हत्या कर दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
