Bhagalpur news किसान अड़े, पहले मुआवजा, फिर काम
गंगा जल लिफ्ट परियोजना के तहत कमरगंज के समीप प्रस्तावित इंटकवेल निर्माण को लेकर किसानों का विरोध दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा.
गंगा जल लिफ्ट परियोजना के तहत कमरगंज के समीप प्रस्तावित इंटकवेल निर्माण को लेकर किसानों का विरोध दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा. नोटिस और मुआवजा मिले बिना किसी भी तरह का कार्य शुरू नहीं होने देने की मांग पर किसान एकजुट दिखे. विरोध को देखते हुए कंपनी के सहायक मैनेजर अतुल कुमार सिंह किसानों को समझाने मौके पर पहुंचे, वहीं पंचायत के मुखिया भरत कुमार जूद थे. वार्ता के बावजूद किसान अपने रुख पर अडिग रहे. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी जमीन से संबंधित अधिग्रहण नोटिस नहीं मिल जाता और मुआवजा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किसी कीमत पर भूमि पर काम शुरू नहीं होने दिया जायेगा. किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्रक्रिया पूरी किये बिना मिट्टी गिराना या लेवलिंग करना स्वीकार्य नहीं है. मुखिया ने बताया कि किसानों का तर्क है कि जमीन उनकी है और जब तक सरकार या एजेंसी की ओर से आधिकारिक नोटिस नहीं दी जाती, तब तक किसी भी तरह का कार्य करना गलत है. किसानों ने एक स्वर में कहा कि पहले कागजी प्रक्रिया पूरी हो, फिर निर्माण कार्य शुरू किया जाए. कंपनी के सहायक मैनेजर ने बताया कि किसानों से केवल प्रारंभिक स्तर पर मिट्टी गिरा कर स्थल लेवलिंग करने का अनुरोध किया गया था, किसी तरह का स्थायी निर्माण कार्य शुरू नहीं करना था. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही किसानों को नोटिस मिल जायेगी. बावजूद इसके किसान मानने को तैयार नहीं हुए.कंपनी की ओर से कमरगंज के समीप इंटकवेल निर्माण के लिए भारी मशीन और मिट्टी पहले ही जुटा ली गयी थी, लेकिन किसानों के विरोध से काम शुरू नहीं हो सका और एजेंसी को फिलहाल पीछे हटना पड़ा. बांका जिला में इस परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य में तेजी बांका जिले में इस परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है, सुलतानगंज क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण को लेकर अड़चन है. किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक वह किसी भी प्रकार के कार्य की अनुमति नहीं देंगे. किसान मानते हैं कि परियोजना पूरी होने के बाद सिंचाई के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन अपने अधिकारों की अनदेखी उन्हें स्वीकार नहीं है. कंपनी के मैनेजर ने बताया कि भूमि अधिग्रहण को लेकर जिला भू अर्चन अधिकारी से सर्वे का काम करवा लिया गया है. जोर शोर से परियोजना आगे बढ रही है. कमरगंज में 22 रैयत द्वारा काम का विरोध किया जा रहा है. समाधान को लेकर पहल जारी है. किसानों के लिए नयी उम्मीद गंगाजल लिफ्ट योजना को क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है. परियोजना के तहत सुलतानगंज में गंगा नदी से पानी उठाने के लिए इंटकवेल सह पंप हाउस बनाया जायेगा. सुलतानगंज दक्षिणी क्षेत्र के अलावा तारापुर, अमरपुर, बेलहर और बांका विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसानों को व्यापक सिंचाई सुविधा मिलेगी. फिलहाल किसानों की मांग है कि पहले जमीन का अधिकार सुरक्षित हो, तभी विकास कार्य आगे बढ़े. – बॉक्स- 1: गंगाजल लिफ्ट योजना की मुख्य बातें -लागत : लगभग 1623 करोड़. -लक्ष्य अवधि : 18 माह. -स्थान : सुलतानगंज से बडुआ और खड़कपुर जलाशय तक. – 55 मिलियन घनमीटर गंगाजल को किया जायेगा लिफ्ट. – लगभग 70 किमी लंबा चैनल. -लाभ : सुलतानगंज, तारापुर, अमरपुर, बेलहर, बांका के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा.
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