भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट :
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी पुरुष हॉस्टल संख्या-1 में अवैध रूप से रह रहे लोगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन को लगातार यह सूचना मिल रही थी कि जर्जर घोषित होने और बंद किये जाने के बावजूद इस हॉस्टल में कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, जो विश्वविद्यालय के नियमों के पूरी तरह खिलाफ है.50 से अधिक कमरों में लगाया गया था ताला
इस मामले को लेकर डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह ने बताया कि विवि प्रशासन द्वारा पूर्व में इस हॉस्टल को जर्जर घोषित कर बंद कर दिया गया था और इसके 50 से अधिक कमरों में विश्वविद्यालय की तरफ से ताले लगाये गये थे. इसके बावजूद हॉस्टल में लोगों के अवैध रूप से रहने की खबरें लगातार आ रही हैं.चेतावनी के बाद अब सीधे दर्ज होगा केस
प्रो अर्चना साह ने सख्त लहजे में कहा है कि इस मामले में विवि प्रशासन अब हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे लोगों पर केस दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. इन्हें पूर्व में भी कई बार हॉस्टल खाली करने की चेतावनी दी गयी थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ.
इस बार बेहद सख्त कदम उठाने का फैसला
अगर हॉस्टल में विश्वविद्यालय का कोई भी वैध छात्र अवैध रूप से रहता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसका सर्टिफिकेट रद्द करने की कार्रवाई के लिए भी प्रक्रिया शुरू की जायेगी.संरक्षण देने वाले भी किये जा रहे हैं चिह्नित
हॉस्टल में गलत तरीके से रह रहे लोगों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है, विवि प्रशासन अब इसकी भी जांच कर रहा है. जांच के दौरान यदि विश्वविद्यालय के किसी भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका पायी जाती है, तो उनके विरुद्ध भी विवि स्तर से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी.
